मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मंशानुसार दुग्ध उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित करें – श्री सिंह
संभाग के सभी जिला कलेक्टरों को किया निर्देशित
पशुपालन विभाग की योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए – श्री सिंह
संभागायुक्त श्री संजीव सिंह ने संभागीय समीक्षा बैठक में सभी जिला कलेक्टरों से कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने के महत्वकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर इसी योजना पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग के महत्वपूर्ण अभियान / योजना के क्रियान्वयन को लेकर कार्य करें। जिसमें हिरण्यगर्भा अभियान, डॉ. भीमराव अंडेकर कामधेनु योजना, दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान एवं क्षीर धारा ग्राम योजना का मैदानी स्तर पर प्रभावी रूप से क्रियान्वयन करें। उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पशुपालन विभाग की योजनाओं को प्रभावी रूप से योजनाओं को क्रियान्वित करें। सभी कलेक्टर्स इसकी विशेष मॉनीटरिंग करें। दुग्ध उत्पादन एवं विक्रय के नये रूट तैयार किए जाए। सांची दुग्ध संघ के साथ संपर्क कर नेशनल हाईवे के ग्रामों के नये दुग्ध रूट तैयार करें ताकि दुग्ध उत्पादन एवं विक्रय समितियों के माध्यम से किया जाकर विशेष मॉनीटरिंग सिस्टम तैयार हो सके।
संभागायुक्त श्री सिंह ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पशुपालकों को लाभांवित किया जाए। इसके साथ ही उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से पशुपालकों को जोड़ा जाए। सभी किसानों के पशुओं की ‘पशुधन एप’ के माध्यम से मॉनीटरिंग हो जिससे क्लस्टर वाइज दुग्ध उत्पादन की वृद्धि की सटीक जानकारी उपलब्ध हो सके।
संभागायुक्त श्री सिंह ने कलेक्टरों से चर्चा में कहा कि ग्रामों को पशुपालन के स्तर, स्वास्थ्य एवं प्रबंधन के आधार पर क्षीर धारा ग्राम घोषित किया गया है। जिसमें शत-प्रतिशत पशुओं का एआई, वैक्सीनेशन एवं पशुओं की ट्रेगिंग शामिल हैं। संभाग के सभी जिलों में 451 ग्रामों का चयन किया गया है, जिसमें विभिन्न पैरामीटर पर बैस लाइन सर्वे जारी किया गया है। सभी ग्राम पंचायतों में क्षीर धारा ग्राम के नोडल बनाये गये हैं। इसके साथ ही क्षीर धारा ग्राम में बफर जोन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में शत- प्रतिशत पशुओं का वैक्सीनेशन कार्य करने की योजना पर कार्य करें।
समीक्षा बैठक में संयुक्त संचालक पशुपाल भोपाल संभाग डॉ. सुनील परनाम ने बताया कि हिरण्यगर्भा अभियान के अंतर्गत संभाग के सभी जिलों में पशुओं के नस्ल सुधार एवं संसाधनों की दक्षता का उपयोग कर पशुपालकों को आर्थिक रूप से समृद्ध करने के लिए पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान बधियाकरण एवं गौशालाओें में नस्ल सुधार कार्यक्रम से चलाया जा रहा है।
संयुक्त संचालक, पशुपालन ने बताया कि दुग्ध संपर्कता अभियान के अंतर्गत नस्ल सुधार पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य के विषय पर पशुपालकों को जागृत करने के लिए जिला कलेक्टर्स के नेतृत्व में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान तीन चरणों में चलाया जा रहा है। प्रथम चरण में संभाग के सभी जिलों के 36 हजार 850 पशुपालक जिनके पास 10 या 10 से अधिक गाय, भैंस हैं, से गृह भेंट कर उन्हें जागरूक किया गया है। द्वितीय चरण में 5 से 9 गाय, भैंस रखने वाले लक्षित पशुपालक जिसमें विभिन्न ग्रामों के 81873 पशुपालकों से उनके गृह में भेंट की गई। सभी पशुपालकों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग के लिए पशुधन एप पर इंट्री की जा रही हैं। प्रदेश में चयनित ग्रामों को नस्ल सुधार, पशु पोषण एंव स्वास्थ्य के आधार पर विकसित करते हुए अन्य ग्रामों के मध्य आदर्श एवं प्रेरणास्पद केन्द्र बनाते हुए अन्य ग्रामों के मध्य स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा उत्पन्न करना उद्देश्य है। भोपाल
