कंडों की माला पहनकर सपाइयों का प्रदर्शन, देवरिया में दिव्यांग को लौटाया
यूपी में गैस सिलेंडर की किल्लत 9वें दिन भी बरकरार है। बाराबंकी में एक व्यक्ति 8 किलोमीटर पैदल चलकर रसोई गैस लेने पहुंचा। मंगलवार आधी रात को ही वह घर से सिलेंडर के लिए लाइन लगाने निकल पड़ा।
वह अमित गैस एजेंसी के बाहर तड़के 3 बजे से लाइन में लगा रहा, ताकि किसी तरह सिलेंडर मिल सके। अरुण ने बताया कि उनके पिता कैंसर से पीड़ित हैं, जबकि मां ब्रेन हेमरेज के बाद से गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। उनके दो बेटियां हैं।
देवरिया में एक दिव्यांग गैस लेने पहुंचा, लेकिन उसे खाली हाथ लौटना पड़ा। एजेंसी ने बताया कि 12 मार्च को जिन लोगों ने बुकिंग कराई है, आज केवल उन्हीं को सिलेंडर दिए जा रहे हैं। उसने 14 मार्च को बुकिंग कराई थी, इसलिए उसे 3 दिन बाद आने के लिए कहा गया।
उधर, लखीमपुर खीरी में सपा कार्यकर्ताओं ने गैस सिलेंडर को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता सिर पर गैस सिलेंडर रखकर और गले में लकड़ी-कंडों की माला पहनकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। लोग फिर से चूल्हे और लकड़ी पर खाना बनाने को मजबूर हो रहे हैं।
