नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर अब सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला इंजन बनता दिख रहा है। खास तौर पर मुरादाबाद मंडल के उद्योग, कारीगर, किसान और पर्यटन सेक्टर को इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तैयार जेवर एयरपोर्ट की शुरुआती क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों और 2.5 लाख टन कार्गो की है। इसके शुरू होने से मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा और संभल जिलों को सीधा अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन मिलेगा।
मुरादाबाद का पीतल उद्योग, बिजनौर की नगीना वुड क्राफ्ट, रामपुर का जरी वर्क और संभल का हॉर्न-बोन हैंडीक्राफ्ट अब सीधे विदेशी बाजारों तक पहुंच सकेंगे। निर्यातकों को दिल्ली के जाम से राहत मिलेगी और सप्लाई तेजी से होगी।
“जेवर एयरपोर्ट से समय की बचत होगी और विदेशी खरीदारों का आना आसान होगा, जिससे व्यापार बढ़ेगा।”
बिजनौर की काष्ठ कला, जिसे जीआई टैग मिल चुका है, और शेरकोट का ब्रश उद्योग अब वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा। वहीं रामपुर के 15-20 हजार जरी कारीगरों और अमरोहा के ढोलक उद्योग को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेगा।
पर्यटन के लिहाज से भी यह एयरपोर्ट बड़ा बदलाव लाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी से विदेशी और घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे इको-टूरिज्म और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
एयर कार्गो सुविधा से किसानों को भी फायदा होगा। कृषि उत्पाद सीधे विदेश भेजे जा सकेंगे। साथ ही नए वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स हब बनने से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
जेवर एयरपोर्ट मुरादाबाद मंडल के लिए ‘लोकल से ग्लोबल’ बनने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहा है। उद्योग, पर्यटन और कृषि—तीनों सेक्टर में यह एयरपोर्ट विकास की नई उड़ान देने जा रहा है।
स्पष्ट है कि जेवर एयरपोर्ट सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने वाला मील का पत्थर बनने जा रहा है।
