धनुष भंग और राम-सीता विवाह के साथ हुआ 100 साल पुरानी परंपरा वाले मेले का समापन वर्धा में हनुमान धाम परिसर में वसंत पंचमी से पूर्णिमा तक भरा मेला
वर्धा
ब्लॉक की हटा की ग्राम पंचायत वर्षा में हनुमान मंदिर के पास 10 दिवसीय मेला धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। वसंत पंचमी से प्रारंभ होकर पूर्णिमा तक चलने वाले इस मेले का समापन भगवान श्रीराम द्वारा धनुष भंग एवं राम-सीता विवाह के भावपूर्ण मंचन के साथ हुआ। यह मेला पिछले 100 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा है, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है।
मेले में दमोह और छतरपुर जिलों सहित आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग खरीदारी और मनोरंजन के लिए पहुंचे। मेले का सबसे बड़ा आकर्षण स्थानीय कलाकारों द्वारा किया गया रामलीला मंचन रहा। मंच पर प्रतिदिन रामकथा के विभिन्न प्रसंगों का नाटकीय प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी
दमोह। रामलीला मंचन में उमड़ी भीड़ व धनुष भंग प्रसंग के साथ समापन।
संख्या में ग्रामीण दर्शक उमड़ पड़े।
सोमवार को भगवान परशुराम और राम-लक्ष्मण के संवाद का मंचन हुआ, जिसे देखने के लिए लोग मेले की दुकानों को छोड़ रामलीला मंच की ओर खिंचे चले आए। रामलीला मंडल से जुड़े प्रदोष दुबे, कृष्ण कुमार दुबे, धम्मू पटेल, प्रकाश पटेल, अवधलाल पटेल, नहू पटेल, पीयूष दुबे, बबलू और बेटू बेटू ने ने बताया बताय कि उनकी टीम पिछले कई वर्षों से इस परंपरा को
निभा रही है। पहले यह रामलीला गांव स्तर पर होती थी, लेकिन अब मेले के माध्यम से सामूहिक आयोजन का रूप ले चुकी है। मेले में सराफा, फर्नीचर, कपड़ा, खिलौने सहित अन्य दुकानों की बड़ी संख्या रही। अमानगंज, सिमरिया, किशनगढ़, हटा, गैसाबाद, मड़ियादो सहित दमोह, पन्ना और छत्तरपुर जिलों से दुकानदार पहुंचे। वहीं ग्रामीणों ने भी जमकर खरीदारी की।
