नोहलेश्वर महोत्सव स्थानीय कला, संस्कृति और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने का एक सशक्त मंच बनकर उभर रहा है – राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह
=
आस्था, संस्कृति और अवसरों का उत्सव, महोत्सव परिसर में रोजगार मेला का आयोजन हुआ
=
13 फरवरी को मुख्यमंत्री का आगमन प्रस्तावित
==
जिले की जबेरा विधानसभा क्षेत्र के नगर नोहटा में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेन्द्र सिंह लोधी के मार्गदर्शन में एवं महोत्सव संयोजक सत्येंद्र सिंह के कुशल नेतृत्व में आयोजित पावन नोहलेश्वर महोत्सव के चतुर्थ दिवस का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की चरण वंदना कर किया गया। भक्तिमय वातावरण के बीच महोत्सव की शुरुआत ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा और दिव्यता से ओत-प्रोत कर दिया।
महोत्सव के अंतर्गत जबेरा विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय कलाकारों एवं उभरती प्रतिभाओं को निरंतर मंच प्रदान करने के संकल्प के अनुरूप क्षेत्रीय कलाकारों ने सराहनीय प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रस्तुतियों में स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं और कला का सजीव चित्रण देखने को मिला, जिसे उपस्थित दर्शकों ने मुक्त कंठ से सराहा।
बुंदेलखंड के सुप्रसिद्ध कलाकार कृष्ण कुमार रंगीला एवं सुश्री संजना शरारती द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। उनकी हास्य, लोकगीत एवं मनोरंजक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे पंडाल में उल्लास, ठहाकों और आनंद का वातावरण बना दिया।
उल्लेखनीय है कि 9 फरवरी को सुबह 11 बजे नोहलेश्वर महोत्सव के अंतर्गत नोहलेश्वर परिसर, नोहटा में रोजगार मेला एवं कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ना तथा उनके भविष्य निर्माण हेतु सही मार्गदर्शन प्रदान करना है।
महोत्सव के दौरान 13 फरवरी को नोहटा की पावन धरती पर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी का आगमन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री जी के आगमन को लेकर क्षेत्रीय विधायक एवं मध्यप्रदेश शासन में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ हैलीपेड, श्री नोहलेश्वर महादेव मंदिर परिसर एवं सभा स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
राज्य मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि नोहटा जैसे सांस्कृतिक केंद्रों पर आयोजित महोत्सव जन-जन को जोड़ने का कार्य करते हैं। नोहलेश्वर महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए अवसरों का उत्सव है। मुख्यमंत्री जी का आगमन इस क्षेत्र को नई पहचान और नई संभावनाएँ देगा। नोहलेश्वर महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह स्थानीय कला, संस्कृति और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने का एक सशक्त मंच भी बनकर उभर रहा है।
महोत्सव संयोजक सत्येंद्र सिंह ने कहा कि हमारा उद्देश्य नोहलेश्वर महोत्सव को एक ऐसे मंच के रूप में विकसित करना है, जहाँ आस्था के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक चेतना को भी समान महत्व मिले। युवाओं की भागीदारी और जनसहयोग से यह आयोजन हर वर्ष और अधिक व्यापक स्वरूप ले रहा है।
दमोह नोहलेश्वर महोत्सव स्थानीय कला, संस्कृति और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने का एक सशक्त मंच बनकर उभर रहा है – राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह
