औरैया जिले के बेला। कस्बे के प्राचीन काली माता मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के आठवें एवं समापन दिवस पर गुरुवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा और पूरा वातावरण भक्ति एवं उत्साह से सराबोर नजर आया।
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कथावाचक गोविन्द शास्त्री ने अंतिम दिवस पर कथा का सार प्रस्तुत करते हुए भगवान की विविध लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य मार्ग है। कथा हमें सत्य, प्रेम, त्याग और सेवा का संदेश देती है, जिसे अपनाकर मनुष्य अपने जीवन को सफल बना सकता है।

कथा के समापन पर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए और पूरे परिसर में भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि गूंजती रही। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी भव्य बना दिया।
यजमान परीक्षित भूपेंद्र सिंह व उनकी पत्नी स्नेहलता ने विधिवत पूजन कर कथा का समापन कराया और सभी के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
आयोजकों ने जानकारी दी कि हवन एवं विशाल भंडारा शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करने की अपील की गई है।
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