पैमाइश के बाद भी तालाब कब्जा मुक्त नहीं, प्रधान पति पर कब्जा करने का आरोप
उत्तर प्रदेश में औरैया जिले की तहसील बिधूना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बरौली में सरकारी तालाब पर अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर तहसीलदार बिधूना राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे और तालाब की पैमाइश कर सीमांकन किया था। लेकिन अब तक तालाब को कब्जा मुक्त नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के सार्वजनिक तालाब की भूमि पर प्रधान पति सरमन बाबू ने अपने व अपने परिवारजनों के नाम से कब्जा करा रखा है। कब्जे वाली भूमि पर इस समय फसल खड़ी है। हालांकि वहां किसी प्रकार का मकान या पक्का निर्माण नहीं किया गया है, लेकिन तालाब की जमीन पर खेती किए जाने से उसका मूल स्वरूप प्रभावित हो रहा है।
शिकायत के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नाप-जोख की और तालाब की भूमि चिन्हित की। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि पैमाइश के बाद तत्काल अतिक्रमण हटवाया जाएगा, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सरकारी तालाब की भूमि को तत्काल कब्जा मुक्त कराकर तालाब को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए। वहीं प्रशासन का कहना है कि पैमाइश रिपोर्ट के आधार पर आगे विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
