कोर्ट ने फाइनल रिपोर्ट किया निरस्त, पुलिस को अग्रिम विवेचना के लिए दिया आदेश
सुलतानपुर सुलतानपुर जनपद में किशोरी के अपहरण व अन्य आरोपो से जुड़े नौ माह पुराने मामले में पुलिस की फाइनल रिपोर्ट के खिलाफ पेश की गई प्रोटेस्ट अर्जी पर सीजेएम कोर्ट का आदेश सामने आया है। मामले में पटियाला में बरामद किशोरी को गलत तरीके से जगदीशपुर में मिलने की गलत कहानी बनाने का आरोप वादिनी ने पुलिस पर लगाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत ने मामले में पुलिस की जांच रिपोर्ट को लापरवाहपूर्ण मानते हुए फाइनल रिपोर्ट निरस्त कर दिया है। अदालत ने मामले में भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाने की पुलिस को अग्रिम जांच का आदेश दिया है। अदालत ने मामले में अग्रिम कार्यवाही पर सुनवाई के लिए 20 मई की तारीख तय किया है।
अमेठी जिले के भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाने के एक गांव की रहने वाली अपहृत पंद्रह वर्षीय किशोरी की माँ ने स्थानीय थाने में एक दिन पूर्व की घटना बताते हुए गत 21 जून को अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। वादिनी के मुताबिक 20 जून की सुबह करीब आठ बजे उनकी पुत्री कक्षा 10 में प्रवेश लेने के लिए बताकर निकली, रास्ते मे उसने ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से अपने खाते से तीन हजार रुपए निकाले। वादिनी के मुताबिक उनकी पुत्री को अज्ञात आरोपी बहलाकर उसका अपहरण कर अपने साथ लेकर चला गया। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और मामले की जांच एसआई विनय कुमार को मिली। विवेचना के दौरान अपहरण केस में स्थानीय थाने के अढ़नपुर निवासी आरोपी दिलीप कुमार का नाम सामने आया। वादिनी के मुताबिक आरोपी दिलीप उनकी पुत्री का अपहरण करने के बाद बेखौफ होकर अपने घूमने-फिरने की फोटो बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट भी करता रहा। मिली जानकारी के आधार पर पुलिस वादिनी की पुत्री को बरामद करने के लिए पटियाला गई और साथ मे वादिनी के दो रिश्तदार को भी ले गई। वादिनी के मुताबिक उनके दोनों रिश्तदारों की मौजूदगी में विवेचक ने उनकी अवयस्क पुत्री को आरोपी दिलीप के पास उसके फूफा के घर से बरामद किया और उन्हें साथ लेकर अमेठी जिले को चले आए। वादिनी के अनुसार विवेचक ने पटियाला में मिली उनकी पुत्री की बरामदगी जगदीशपुर से दिखाने की गलत कहानी तैयार किया और उनकी पुत्री को अपने तरीके से समझा बुझाकर आरोपी के पक्ष में बयान दिलवाया एवं माँ के पक्ष में पीड़िता की सुपुर्दगी भी नहीं होने दिया,नतीजतन किशोरी नारी निकेतन भेज दी गई। मामले में विवेचक ने अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर आरोपियो को क्लीनचिट देते हुए सीजेएम कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट पेश किया था। वादिनी ने फाइनल रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए विवेचना में कई खामियां बताकर अपने अधिवक्ता मोईन खान के माध्यम से कोर्ट में प्रोटेस्ट अर्जी पेश किया था। मामले में अदालत ने फाइनल रिपोर्ट निरस्त कर वादिनी की प्रोस्टेट अर्जी स्वीकार करते हुए पुलिस को अग्रिम जांच का आदेश दिया है।


