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अविकानगर में वैज्ञानिक भेड़ एवं बकरी पालन प्रशिक्षण का शुभारम्भ, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को वैज्ञानिक पशुपालन से आत्मनिर्भर बनाने की पहल उनियारा

ByNews Editor

May 7, 2026

केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर में गुरुवार को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए दो दिवसीय “वैज्ञानिक भेड़ एवं बकरी पालन प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम” का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन आईपार्टनर इंडिया संस्था के सहयोग से किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में करीब 40 महिला प्रतिभागी भाग ले रही हैं, जिन्हें वैज्ञानिक पशुपालन, संतुलित पोषण, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन एवं स्वरोजगार आधारित गतिविधियों की जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ए. के. तोमर ने कहा कि उपजाऊ मिट्टी, वैज्ञानिक पशुपालन और उत्तम स्वास्थ्य ग्रामीण समृद्धि एवं सतत विकास की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर पशुपालन को अधिक लाभकारी, टिकाऊ एवं आयवर्धक बनाया जा सकता है। ग्रामीण महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से पशुपालन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. लीला राम गुर्जर ने मृदा संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न पशुपालन योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने और अपनी आजीविका को मजबूत बनाने का आह्वान किया। आईपार्टनर इंडिया संस्था के स्टेट प्रोग्राम मैनेजर डॉ. अनिल भारद्वाज ने संस्था द्वारा ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में आजीविका अधिकारी राजबीर यादव, क्लस्टर कोऑर्डिनेटर अनिता कुमारी, गायत्री महावर, हरपाल बैरवा, टीना राज, भवानी कंवर एवं मनीष माधीवाल सहित आईपार्टनर इंडिया संस्था के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मेघा पांडे ने किया। दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान संस्थान की वैज्ञानिक टीम द्वारा महिलाओं को भेड़ एवं बकरी पालन की उन्नत तकनीकें, पशु पोषण, स्वास्थ्य प्रबंधन, नस्ल सुधार तथा ग्रामीण उद्यमिता से जुड़े विषयों पर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रतिभागियों को संस्थान की विभिन्न इकाइयों का भ्रमण भी कराया जाएगा, जिससे वे आधुनिक पशुपालन व्यवस्थाओं को नजदीक से समझ सकें।
कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. मेघा पांडे, डॉ. श्रोबना सरकार एवं श्री गौतम चोपड़ा द्वारा किया जा रहा है।

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