बनवारी बाबा । गंगापुर सिटी दैनिक उपयोगी खाद्य वस्तुओं में महंगाई के चलते गरीब व मध्यम परिवारों का बजट बिगड़ने लगा है ऐसा लगता है देश के घरेलू उत्पादनों में महंगाई पर केंद्र सरकार का कोई अंकुश नहीं है जिसके चलते दाल चावल चीनी खाद्य तेल घी मसाले सब्जी आदि में वृद्धि के चलते मध्यम व गरीब उपभोक्ता परिवारों का बजट बिगड़ गया है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धातु, केमिकल, क्रूड ऑयल, आदि में बेहतासा वृद्धि और महंगाई के चलते घरेलू उपभोक्ताओं का पहले ही बजट बिगड़ा हुआ है और इनसे जुड़ी वस्तुओं सिल्वर गोल्ड आदि अन्य वस्तु आम उपभोक्ता से दूर हो गई है केमिकल में भयंकर तेजी से केमिकल उत्पादक डिटर्जेंट पाउडर साबुन सर्फ प्लास्टिक एवं अन्य केमिकल वस्तुएं में महंगाई चरम पर है अंतर्राष्ट्रीय महंगाई का फायदा देश के बड़े-बड़े उद्योगपति और सटोरिये स्टॉकिस्ट घरेलू उत्पादनों में तेजी लाकर आग में घी डालने का काम कर रहे है अगर देश में घरेलू उत्पादन खाद्य वस्तुओं पर एक नजर डालें तो चीनी 42 से बढ़कर 60रू प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई खाद्य तेल 160 रुपए से बढ़कर 220 हल्दी मिर्च धनिया मसाले में भी 40% तेजी आ गई है खाद्यान्न गेहूं बाजरा ज्वार मक्का मोटे अनाजों में भी 10 से 20% महंगाई है देसी घी 400 से 600 पर पहुंच चुका है गोला बादाम किशमिश काजू आदि मेवा गरीब से दूर हो चुका है दाल चावल के साथ हरी सब्जियों में भी 20 से 40% महंगाई बढ़ चुकी है भारत देश कृषि प्रधान देश होने के साथ घरेलू उपयोग में आने वाली खाद्य वस्तुओं का उत्पादनकर्ता है एवं देश के घरेलू उत्पादनों में कोई कमी नहीं है देश के उद्योगपति और सटोरिया स्टॉकिस्ट उत्पादन में कमी दर्शाकर आम जनता पर महंगाई का भार थोप कर अधिक लाभ अर्जित कर रहे हैं जिस पर केंद्र सरकार का कोई अंकुश नहीं है इससे ऐसा प्रतीत होता है कि केंद्र सरकार भी इन बड़े-बड़े उद्योगपतियों और सटोरियों के साथ मिली हुई है सरकार ने शीघ्र ही बढ़ती हुई महंगाई पर अंकुश नहीं लगाया तो आने वाले दिनों में देश में गरीब उपभोक्ताओं पर मार पड़ेगी महंगाई विकराल रूप ले चुकी है उपभोक्ता और सामाजिक संगठनों का कहना है कि केंद्र सरकार को बढ़ती महंगाई पर शीघ्र अंकुश लगाना चाहिए देश की 70% गरीब जनता महंगाई की जद में हैंबनवारी बाबा शर्मा गंगापुर सिटी से
