DELHI धमाका मामले में जांच एजेंसियों के शुरुआती इनपुट के आधार पर यह सामने आया है कि डॉ. शाहीन कथित रूप से पिछले करीब 10 वर्षों से जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में थीं।
अधिकारियों के अनुसार, यह भी जांच में सामने आया कि उन्होंने अपनी नियमित नौकरी छोड़कर कथित तौर पर कहा था कि अब उन्हें “कौम का कर्ज उतारना है।”
सूत्रों का दावा है कि संगठन के भीतर उन्हें उनकी मेडिकल पृष्ठभूमि के कारण ‘सर्जन मैडम’ कहकर बुलाया जाता था। माना जा रहा है कि समूह ने उनकी जानकारी और कौशल का उपयोग लॉजिस्टिक, हेल्थ-सपोर्ट और कई गुप्त अभियानों की योजना बनाने में किया।
जांच में क्या-क्या संकेत मिले
-
एजेंसियों को पता चला है कि डॉ. शाहीन पर आरोप है कि वे लंबे समय से संगठन से वैचारिक रूप से प्रभावित थीं और धीरे-धीरे सक्रिय भूमिका में आईं।
-
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, उन्होंने कई बार संदिग्ध यात्राएँ कीं और गुप्त स्थानों पर बैठकों में शामिल हुईं, जिनमें धमाका जैसी गतिविधियों की प्लानिंग का इनपुट भी मिला है।
-
उनकी भूमिका को लेकर अब डिजिटल डिवाइस, विदेशी संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है।
-
अधिकारियों के अनुसार, डॉ. शाहीन का उपयोग संगठन ने भर्ती, प्रशिक्षण और मेडिकल सहायता जैसे कार्यों के लिए भी किया हो सकता है, जिसकी पुष्टि अभी बाकी है।
धमाके से कनेक्शन की पड़ताल
DELHI धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कई नेटवर्क की जांच शुरू की है। इसी दौरान डॉ. शाहीन का नाम सामने आया। जांच टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि धमाके की योजना में उनकी भूमिका प्रत्यक्ष थी, लॉजिस्टिक सहायता तक सीमित थी, या वे किसी व्यापक मॉड्यूल का हिस्सा थीं।
https://www.facebook.com/share/p/1F3W3VbhdA/
आगे की कार्रवाई
-
उनके मोबाइल डेटा, ईमेल, मेसेंजर ऐप्स और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी फॉरेंसिक जांच में भेजी गई है।
-
जिन लोगों से वे संपर्क में थीं, उनकी पहचान की जा रही है और कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
-
एजेंसियों का कहना है कि पूरे मॉड्यूल की गतिविधियों को समझने के लिए यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है।
यह पूरा मामला अभी जांच के अधीन है, और एजेंसियों का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कई और अहम तथ्य सामने आने की संभावना है।

