shrinagar (नौगाम) पुलिस स्टेशन में एक भयंकर धमाका हुआ है। यह घटना 14 नवंबर की रात करीब 11:20 बजे हुई, जब पुलिस और फोरेंसिक टीम थाने में जब्त किए गए विस्फोटक पदार्थ की जांच कर रही थी।
धमाके की मुख्य जानकारी
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मृतक और घायल
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इस धमाके में कम-से-कम 9 लोगों की मौत हुई है।
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लगभग 27–32 लोग घायल हुए हैं।
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मृतकों में पुलिसकर्मी, फोरेंसिक विशेषज्ञ और एक नागरिक शामिल हैं।
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धमाके का कारण
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विस्फोट उस वक्त हुआ जब टीम फिर से नमूना ले रही थी, यानी विस्फोटक सामग्री की जांच के दौरान
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विस्फोटक में अमोनियम नाइट्रेट, पोटैशियम नाइट्रेट और सल्फर शामिल थीं, जिसे पहले Faridabad (हरियाणा) से जब्त किया गया था।
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पुलिस का कहना है कि यह कोई आतंकवादी हमला नहीं था, बल्कि दुर्घटना थी।
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जम्मू और कश्मीर के पुलिस प्रमुख नलिन प्रभात ने भी साफ किया है कि आतंकवाद का कोई हाथ नहीं है।
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नुकसान और फैलाव
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धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि छोटे-छोटे फॉलो-अप विस्फोट हुए, जिससे बचावकार्य में दिक्कत हुई।
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आसपास की कई गाड़ियाँ और पुलिस स्टेशन की बिल्डिंग क्षतिग्रस्त हो गईं।
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इतना जोर था कि धमाके की तेज आवाज और झटका आसपास के इलाकों में महसूस किया गया।
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कुछ मृतकों की बॉडी पार्ट्स को 100-200 मीटर दूर तक पाया गया है।
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प्रतिक्रिया और जांच
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लूतार्गी को देख स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई, और अधिकारी घटनास्थल पर तुरंत पहुंचे। जम्मू-कश्मीर सरकार और पुलिस ने एक विशेष जांच कमेटी बनाने का आदेश दिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा प्रक्रियाओं में कहीं चूक तो नहीं हुई। मंत्रालय (MHA) ने भी इस दुर्घटना को आतंक से जोड़ने के दावों को खारिज किया है और इसे “दुर्घटनात्मक विस्फोट” बताया है। पिछला संदर्भ
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यह विस्फोट उस “व्हाइट-कलर” आतंक मॉड्यूल केस से जुड़ा हुआ है, जिसमें डॉक्टरों और अन्य पेशेवरों का एक नेटवर्क शामिल था।
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विस्फोटक सामग्री वही थी जिसे आतंकवाद के संदिग्ध नेटवर्क से जब्त किया गया था और अब उसकी फोरेंसिक जांच हो रही थी।
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