DELHI अब टीवी सेट्स में सीधे Satellite Tuner होगा, जिससे बिना किसी बाहरी सेट-टॉप बॉक्स के DD फ्री डिश एक्सेस की जा सकेगी. अलग से बॉक्स खरीदने का पैसा बचेगा, वायरिंग कम होगी और मल्टीपल रिमोट से छुटकारा मिलेगा.
सरकार ने टीवी देखने के अनुभव को आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ऐसे नए टीवी पेश किए हैं जिनमें इन-बिल्ट सैटेलाइट ट्यूनर और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड (EPG) होगा. इसका मतलब यह है कि अब दर्शक Doordarshan के DD Free Dish चैनल बिना किसी अलग सेट-टॉप बॉक्स के सीधे अपने टीवी पर देख सकेंगे. इस नई पहल से न सिर्फ खर्च कम होगा, बल्कि वायरिंग की झंझट और कई रिमोट इस्तेमाल करने की जरूरत भी खत्म हो जाएगी.

कैसे काम करेगा नया सिस्टम
इस नई टेक्नोलॉजी के तहत टीवी में ही सैटेलाइट ट्यूनर लगा होगा, जिससे चैनल सीधे सिग्नल पकड़ सकेंगे. साथ ही, इसमें एक आसान और यूजर-फ्रेंडली EPG दिया गया है, जिससे यूजर्स चैनल और उनके प्रोग्राम शेड्यूल को आसानी से ब्राउज कर सकेंगे. केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने इस पहल को लॉन्च करते हुए कहा कि अब लोगों को कंटेंट देखने के लिए किसी अतिरिक्त डिवाइस की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरा अनुभव पहले से ज्यादा आसान होगा.
डिजिटल और क्रिएटिव सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
इस मौके पर सरकार ने डिजिटल स्किल्स को बढ़ावा देने के लिए एक और बड़ी पहल भी शुरू की है. यह National AI Skilling Initiative है, जिसे Google और YouTube के साथ मिलकर लॉन्च किया गया है. इस प्रोग्राम का मकसद मीडिया और क्रिएटिव सेक्टर से जुड़े लोगों को नई टेक्नोलॉजी, खासकर AI के इस्तेमाल में ट्रेन करना है. इससे भारत के डिजिटल और मीडिया सेक्टर को और मजबूती मिलेगी.
MyWAVES: कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नया प्लेटफॉर्म
सरकार ने MyWAVES नाम का एक नया प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है. यह प्लेटफॉर्म WAVES OTT का हिस्सा है और अब यह सिर्फ कंटेंट देखने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यूजर्स को कंटेंट बनाने और शेयर करने की भी सुविधा देगा. इस प्लेटफॉर्म पर शॉर्ट वीडियो, वर्टिकल वीडियो और एपिसोडिक कंटेंट जैसे कई फॉर्मेट्स में काम किया जा सकता है. साथ ही, इसमें मल्टीलिंगुअल सपोर्ट भी मिलेगा, जिससे देशभर के क्रिएटर्स अपनी भाषा में कंटेंट बना सकेंगे.
AI स्किलिंग से बदलेगा क्रिएटिव इंडस्ट्री का भविष्य
इस AI स्किलिंग प्रोग्राम के तहत करीब 15,000 लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी. इसमें एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स (AVGC) और मीडिया टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों पर फोकस रहेगा. Gunjan Soni ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत की क्रिएटिव इंडस्ट्री के लिए नए मौके खोल सकता है. इस पहल के जरिए क्रिएटर्स बेहतर कहानियां बना सकेंगे, अपनी पहुंच बढ़ा सकेंगे और मीडिया के भविष्य को आकार दे सकेंगे.
‘Orange Economy’ को मिलेगा सपोर्ट
सरकार इन पहलों के जरिए ‘Orange Economy’ यानी क्रिएटिव इकोनॉमी को मजबूत करना चाहती है. यह वही सेक्टर है जिसमें कंटेंट क्रिएशन, मीडिया, एंटरटेनमेंट और डिजिटल आर्ट्स शामिल होते हैं. सरकार का मानना है कि टेक्नोलॉजी और क्रिएटिविटी को मिलाकर भारत को इस क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनाया जा सकता है.
क्या बदलेगा आम यूजर के लिए
इस नई पहल के बाद आम यूजर्स के लिए टीवी देखना और आसान और सस्ता हो जाएगा. अब उन्हें सेट-टॉप बॉक्स खरीदने या इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं होगी. साथ ही, जो लोग कंटेंट बनाना चाहते हैं, उनके लिए भी नए मौके खुलेंगे. AI और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए वे अपनी पहचान बना सकेंगे और कमाई के नए रास्ते खोज सकेंगे.
