बस संचालन के लिए नहीं मिला एक भी आवेदन, गांवों की आवाजाही प्रभावित
संभल जनपद में परिवहन व्यवस्था का असंतुलन साफ नजर आ रहा है। जहां एक ओर शहर और कस्बों में ई-रिक्शा और ऑटो की भरमार हो चुकी है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रस्तावित बस सेवा अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इसका मुख्य कारण यह है कि बस संचालन के लिए अभी तक एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
परिवहन विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा शुरू करने की योजना बनाई गई थी, जिससे दूर-दराज के गांवों को शहर से जोड़ा जा सके। लेकिन अपेक्षित रुचि न मिलने के कारण यह योजना कागजों में ही सिमट कर रह गई है। इसके विपरीत, शहर में ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आज भी आवागमन के लिए निजी साधनों या महंगे किराए पर निर्भर रहना पड़ता है। कई गांव ऐसे हैं जहां से सीधे शहर तक पहुंचने के लिए कोई सार्वजनिक साधन उपलब्ध नहीं है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि बस सेवा शुरू कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बस संचालन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे, लेकिन अब तक कोई इच्छुक सामने नहीं आया है। विभाग अब इस योजना को सफल बनाने के लिए नए विकल्पों पर विचार कर रहा है।
ग्रामीण बस सेवा शुरू न होने से जहां एक ओर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर में अनियंत्रित रूप से बढ़ते ई-रिक्शा और ऑटो यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बनते जा रहे
