कन्नौज में दुकान में घुसकर पलट गया; दबने से बुजुर्ग की जान गई, 3 गंभीर
कन्नौज में तेज रफ्तार ट्रक बेकाबू होकर स्कूटी सवार छात्रा को रौंदते हुए एक दुकान में घुसकर पलट गया। ट्रक के पलटने से फल विक्रेता सहित 4 लोग उसके नीचे दब गए। फल विक्रेता की मौत हो गई जबकि 3 गंभीर हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक में कोयला लदा हुआ था। पहले उसने स्कूटी को ठोकर मारी, इसके बाद अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक दुकान में जा घुसा। रविवार सुबह का यह हादसा छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के भाऊलपुर तिराहे का है।
ttps://youtu.be/3j1bbIAfKQw
मृतकों की पहचान दुर्गा नगर की अंशिका (14) और भावलपुर के कन्हैयालाल (65) के रूप में हुई है। अंशिका हाईस्कूल की स्टूडेंट है और कोचिंग के लिए जा रही थी। जबकि बुजुर्ग उसी बाजार में फल की दुकान है। हादसे में कन्हैयालाल के दोनों बेटे भी गंभीर हैं।
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि ट्रक के नीचे कुछ और लोग दबे हो सकते हैं। उधर, घटना की सूचना के बाद पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। जेसीबी की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।
छिबरामऊ के दुर्गानगर के राजू कश्यप की 14 वर्षीय बेटी अंशिका हाईस्कूल की स्टूडेंट है। रविवार को वह अपनी स्कूटी से भाऊलपुर तिराहे के पास स्थित एक कोचिंग में पढ़ने जा रही थी। सुबह करीब 8.30 बजे वह तिराहे के पास पहुंची थी कि अचानक से पीछे से एक बेकाबू ट्रक ने ठोकर मार दी।
अंशिका स्कूटी सहित ट्रक के नीचे आ गई। बेकाबू ट्रक उसे रौंदते हुए आगे जाकर एक दुकान में घुसा और पलट गया। ट्रक पलटने से फल विक्रेता कन्हैयालाल, उनके दो बेटे अंकित और अमित के अलावा हेल्पर आदर्श पाल नीचे आ गए।
चूंकि, ट्रक में कोयला लगा हुआ था, इसलिए उसके पलटते ही कोयले का कई फीट ढेर लग गया। आनन-फानन में आसपास के लोग पहुंचे। पुलिस को सूचना दी गई। मलबा हटाया जाने लगा। जेसीबी भी मदद के लिए बुलाई गई।
ट्रक के नीचे दबे कन्हैयालाल, उनके दो बेटों और एक सहयोगी को बाहर निकाला गया। बुजुर्ग कन्हैयालाल की मौत हो चुकी थी जबकि दोनों बेटे और एक अन्य की हालत गंभीर थी। प्रशासन की मदद से उनको जिला अस्पताल भेजा गया।
उधर, ट्रक के नीचे आने से स्कूटी सवार छात्रा अंशिका की भी मौत हो गई थी। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजवाया है। जेसीबी और क्रेन की मदद से ट्रक और कोयले को हटवाया जा रहा है।
मृतक अंशिका तीन बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी। अंशिका के बाद दूसरे नंबर पर उसका भाई अनिरुद्ध (11), आशी (9) और साक्षी (7) हैं। अंशिका की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
वहीं दूसरी तरफ मृतक कन्हैयालाल के पांच बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और तीन बेटियां शामिल हैं। सभी की शादी हो चुकी है। कन्हैयालाल अपनी पत्नी सावित्री देवी की मदद से फल की दुकान लगाते थे।
विधायक, डीएम और एसपी पहुंचे अस्पताल
ट्रक हादसे के घायलों अंकित, अमित और आदर्श का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे की सूचना पर विधायक अर्चना पांडेय पहुंची। उन्होंने घायलों का हाल जाना। एडीएम देवेंद्र कुमार, एडिशनल एसपी अजय कुमार भी अस्पताल पहुंचे और इलाज की व्यवस्था देखी।
सपा ने एक-एक लाख रुपए सहायता का ऐलान किया
घटनास्थल पर पहुंचे सपा के पूर्व विधायक अरविंद यादव ने कहा कि ट्रक हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मृतकों के परिजन को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तरफ से 1-1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। पूर्व विधायक ने यूपी सरकार से 10-10 लाख रुपए मुआवजे की मांग की है।
परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी
डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने घायलों का हालचाल लेने के बाद उन्होंने बताया कि मृतक कन्हैयालाल बटाईदार थे और बटाई पर खेती करते थे। ऐसे में सरकार की स्पष्ट गाइडलाइन है कि बटाईदार को भी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के अंतर्गत आच्छादित किया जाता है। उनके परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा इतनी ही धनराशि की सहायता छात्रा के परिजनों को भी दी जाएगी। साथ ही मृतकों की पात्रता का परीक्षण कराया जाएगा, जिसके अनुसार अन्य लाभ भी प्रदान किए जाएंगे। घायलों का बेहतर इलाज कराया जा रहा है। उनके परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
