खन्ना, 16 अक्टूबर:
पंजाब को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से, आज फिल्लौर स्थित पंजाब पुलिस अकादमी में पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ (नशों के खिलाफ युद्ध) अभियान की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ कैबिनेट मंत्री तरनप्रीत सिंह सोंड, अन्य मंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। बैठक में पुलिस अधिकारियों के साथ नशा विरोधी अभियान की प्रगति और इसके क्रियान्वयन से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
कैबिनेट मंत्री तरनप्रीत सिंह सोंड ने कहा कि पंजाब गुरुओं और आध्यात्मिक नेताओं की पवित्र भूमि है, और राज्य को नशे के कलंक से मुक्त रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नशे की समस्या से निपटने और युवाओं को एक सकारात्मक भविष्य की ओर ले जाने के लिए सरकार, पुलिस प्रशासन और समाज को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने नशा विरोधी प्रयासों को और मजबूत करने तथा इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
मंत्री सोंड ने कहा कि पंजाब की गौरवशाली विरासत और महाराजा रणजीत सिंह के न्यायपूर्ण शासन से प्रेरणा लेकर ‘रंगला पंजाब’ के पुनर्निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसा पंजाब बनाना होना चाहिए, जहां युवा नशे से दूर रहें और शिक्षा, रोजगार, खेल तथा सामाजिक गतिविधियों में तरक्की करें। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अपनी जिम्मेदारी निभाने और पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
