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चंद्र प्रकाश पुरोहित ब्यूरो प्रमुख की रिपोर्ट प्रभु श्रीराम भारतीय संस्कृति की आत्मा और जीवन के आदर्श : शेखावत – संत मुरलीधर महाराज की रामकथा के कार्यक्रम में बोले केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री – कहा, विविधताओं के बावजूद भारत को एक सूत्र में बांधती है हमारी संस्कृति

ByAshok Mishra

Oct 18, 2026

जोधपुर, 17 अक्टूबर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रभु श्रीराम केवल आस्था के विषय नहीं, अपितु मर्यादा, आदर्श और जीवन मूल्यों के प्रतीक हैं। उनका संपूर्ण जीवन आज भी समाज का मार्गदर्शन करता है। भारत की संस्कृति और सभ्यता की आत्मा प्रभु श्रीराम के आदर्शों में निहित है।

 

 

 

 

 

 

शनिवार को जोधपुर के निकट केलावा खुर्द में केशव प्रिया गौशाला में संत मुरलीधर महाराज की रामकथा एवं नक्कुंडीय यज्ञ के कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत श्रीराम कथा में प्रतिभाग किया। केंद्रीय मंत्री शेखावत और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ यहां पर व्यासपीठ पर विराजित कथा वाचक श्रद्धेय पूज्य संत मुरलीधर जी महाराज का आशीर्वाद लिया। महाराज के मुखारबिंद से कथा का श्रवण किया। इस
पुनीत अवसर पर केंद्रीय मंत्री शेखावत ने
कहा कि भारत आध्यात्म, संस्कृति और विविधताओं की धरती है। यहां भाषा, बोली, आस्था, खानपान और पहनावे में अनेक भिन्नताएं हैं, लेकिन इसके बावजूद ऐसे सांस्कृतिक तत्व मौजूद हैं, जो हजारों वर्षों से देश को एक सूत्र में बांधे हुए हैं। प्रभु श्रीराम इन्हीं प्रमुख तत्वों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन बाल्यावस्था से लेकर उनकी लीला समाप्त होने तक मर्यादा और आदर्शों का संदेश देता है। जीवन के विभिन्न चरणों में उन्होंने जिन भूमिकाओं का निर्वहन किया, वे आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। हजारों वर्ष बीत जाने के बाद भी उनके आदर्श प्रासंगिक हैं और भारतीय संस्कृति को दिशा प्रदान करते हैं।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि भारतीय संस्कृति का प्रभाव दुनिया के अनेक देशों में देखने को मिलता है। हाल ही में 30 से अधिक देशों में भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम के प्रभाव से जुड़े विषयों पर तीन दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसका समापन उन्होंने एक दिन पहले किया। इन देशों में बौद्ध परंपरा से जुड़े देशों के साथ मध्य एशिया, ईरान और अफ्रीका के वे क्षेत्र भी शामिल हैं, जहां विभिन्न माध्यमों से भारतीय संस्कृति का प्रसार हुआ है।

शेखावत ने कहा कि प्रभु श्रीराम का महत्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। उनका जीवन मानवता को मर्यादा, कर्तव्य और आदर्शों के अनुरूप जीने की प्रेरणा देता है। श्रीराम के चरित्र का प्रत्येक पक्ष जीवन में नैतिक मूल्यों की स्थापना का संदेश देता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मान्यता है कि राम से बड़ा राम का नाम है। जब व्यक्ति प्रभु श्रीराम के नाम का स्मरण करता है, तो उसे उनके जीवन मूल्यों और आदर्शों से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि रामकथा का श्रवण केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक चेतना और जीवन मूल्यों से जुड़ने का माध्यम भी है। शेखावत ने रघुवंशपुरम आश्रम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आश्रम निरंतर इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रसार के लिए साधनारत है।

By Ashok Mishra

Ashok Mishra is the Editor-in-Chief of Chanakya News India, a Hindi digital news platform established in 2012. The organization focuses on delivering verified breaking news, live news coverage, crime, entertainment, business, technology, and regional updates across India. Address: FNG vihar 2 sector 121 Gautam budhnagar Uttar pradesh, India Email -mpcgchanakyanewsindia@gmail.com Phone– +91 9315744968

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