चंद्र प्रकाश पुरोहित ब्यूरो जैसलमेर
पोकरण में अवैध बूचड़खानों पर चला प्रशासन का पीला पंजा
गैर मुमकिन तोला बेरा नदी की जमीन से हटाई गई मीट-मांस की दुकानें, कई ढांचे जमींदोज

पोकरण शहर में लंबे समय से गैर मुमकिन तोला बेरा नदी की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से संचालित हो रहे बूचड़खानों और मीट-मांस की दुकानों पर आखिरकार प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए पीला पंजा चला दिया। नगर परिषद, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नदी क्षेत्र में बने अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार ये अवैध बूचड़खाने और दुकानें न केवल सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई गई थीं, बल्कि इनके कारण क्षेत्र में गंदगी, दुर्गंध और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं भी उत्पन्न हो रही थीं। स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों और जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
सुबह से ही भारी पुलिस जाप्ते और नगर परिषद के दस्ते के साथ जेसीबी मशीनें मौके पर पहुंचीं। पहले अवैध दुकानदारों को हटने के निर्देश दिए गए, इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। कुछ ही घंटों में कई अवैध दुकानों और अस्थायी ढांचों को जमींदोज कर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि गैर मुमकिन भूमि और नदी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह अवैध है। भविष्य में भी ऐसे अतिक्रमण पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने चेतावनी दी कि दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद शहरवासियों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध बूचड़खानों से न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा था, बल्कि धार्मिक व सामाजिक भावनाएं भी आहत हो रही थीं। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई को जनहित में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है।
