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मुख्यमंत्री योगी बोले-पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए,जो जिस भाषा में समझे,उसे उसी भाषा में समझाया जाएगा*

*ब्रेकिंग न्यूज़*
*रिपोर्टर उदय भान*

*मुख्यमंत्री योगी बोले-पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए,जो जिस भाषा में समझे,उसे उसी भाषा में समझाया जाएगा*

*लखनऊ* उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को वैश्विक निवेशकों एवं उद्यमियों के महासंगम उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 का होटल ताज में आयोजन हुआ।इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए।
सीएम योगी ने लखनऊ में आयोजित पहले फार्मा कान्क्लेव को संबोधित करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार की नीति को एक बार फिर स्पष्ट कर किया।अपराधियों के खिलाफ पुलिस की मुठभेड़ की कार्रवाइयों पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।सीएम ने कहा कि टिप्पणी की जाती है कि पुलिस ने गोली क्यों मारी,सीएम ने पूछा कि पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए,जो जिस भाषा में समझेगा उसे उसी भाषा में समझाया ही जाएगा।
बता दें कि सीएम योगी का ये बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी में हो रहे हाफ एनकाउंटर (पैर में गोली मारने की घटनाओं) पर सवाल उठाते हुए कहा था कि पुलिस के पास दंड देने का हक नहीं है। सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने तय किया है कि कानून सभी के लिए बराबर है।कोई अपना या पराया नहीं है,यदि कोई अपना व्यक्ति भी गलत करेगा तो उस पर वही कठोर कानून लागू होगा,जो किसी माफिया पर लागू होता है। सीएम ने कहा कि हमने हमेशा प्रयास किया कि कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर हो,लेकिन अगर सामने वाला अपराधी कानून से भयभीत नहीं है,तो उसे उसी की भाषा में समझाना तात्कालिक परिस्थिति की मांग हो जाती है।
सीएम योगी ने कहा कि बहुत बार लोग सवाल उठाते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी,मैं पूछता हूं कि पुलिस गोली न चलाए तो क्या गोली खाए‌,यह दोनों काम एक साथ नहीं चल सकता। सीएम ने कहा कि अगर अपराधी को गोली चलाने की स्वतंत्रता है तो पुलिस के पास भी पिस्तौल इसीलिए है कि वह उसका डटकर मुकाबला करे।पुलिस का प्रशिक्षण ही इसीलिए होता है कि कोई अपराधी जिस भाषा को समझता है, उसे उसी भाषा में जवाब दे सके।
अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए सीएम योगी ने कहा कि जब पुलिस ने अपराधियों को उनकी भाषा में समझाना शुरू किया, तभी प्रदेश में बदलाव आया है।पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश के बड़े-बड़े त्योहार शांति से संपन्न हुए हैं, कहीं कोई अराजकता नहीं है,आज प्रदेश में कहीं दंगा-फसाद, गुंडा टैक्स या अराजकता की बात नहीं होती है। सुरक्षा के इसी माहौल के कारण आज उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के लिए निवेश का बेहतरीन गंतव्य बन चुका है।
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ यह लड़ाई बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगी। सीएम ने कहा कि जीरो टॉलरेंस का मतलब यह है कि अगर शासन-प्रशासन से जुड़ा कोई व्यक्ति भी गलत करेगा, तो उसे भी माफिया की तरह ही कानूनी परिणाम भुगतने होंगे।बता दें कि सीएम योगी के इस बयान को पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने और अपराधियों को आखिरी चेतावनी देने के तौर पर देखा जा रहा है।