• Tue. Apr 21st, 2026

Chanakya News India

News Broadcast Live TV

पड़ोसियों के बयान पर बीमा क्लेम ठुकराना पड़ा महंगा

जिला उपभोक्ता आयोग का बड़ा आदेश: डाक जीवन बीमा 10 लाख रुपये ब्याज सहित दे

सम्भल। ग्राम करनपुर कास्त निवासी गौतम की मां शकुन्तला देवी द्वारा ली गई ग्रामीण डाक जीवन सुरक्षा बीमा पॉलिसी के मामले में डाक विभाग को उपभोक्ता आयोग से करारा झटका लगा है। आयोग ने विभाग को बीमा राशि अदा करने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार, शकुन्तला देवी ने 8 मार्च 2022 को 10 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी खरीदी थी। 19 फरवरी 2023 को उनके निधन के बाद उनके पुत्र गौतम, जो पॉलिसी में नामित थे, ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर बीमा क्लेम प्रस्तुत किया। लेकिन डाक जीवन बीमा विभाग ने यह कहते हुए भुगतान से इंकार कर दिया कि पड़ोसियों के अनुसार मृतका पहले से बीमार थीं और उन्हें कोई आंतरिक बीमारी थी।
इस पर गौतम ने उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय की मदद से जिला उपभोक्ता आयोग, सम्भल में परिवाद दाखिल किया। सुनवाई के दौरान बीमा पक्ष ने पड़ोसियों के बयान को साक्ष्य के रूप में पेश किया, जिसका अधिवक्ता वार्ष्णेय ने कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि बिना किसी चिकित्सीय प्रमाण के किसी व्यक्ति को बीमार घोषित नहीं किया जा सकता और केवल पड़ोसियों के कथनों के आधार पर बीमा क्लेम खारिज करना अनुचित है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग ने निर्णय सुनाते हुए ग्रामीण डाक जीवन बीमा को आदेशित किया कि वह परिवादी गौतम को 10 लाख रुपये की बीमा राशि परिवाद दाखिल करने की तिथि से 7% वार्षिक ब्याज सहित दो माह के भीतर अदा करे। साथ ही मानसिक कष्ट व आर्थिक हानि के लिए 10 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये अतिरिक्त देने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा में भुगतान न होने की स्थिति में ब्याज दर बढ़ाकर 9% वार्षिक कर दी जाएगी।