• Sun. Apr 26th, 2026

Chanakya News India

News Broadcast Live TV

टोंक से एस रहमान कि रिपोर्ट।पृथ्वी दिवस पर ब्रह्माकुमारीज़ के राजयोग भवन में हमारी शक्ति – हमारा ग्रह विषय पर कार्यक्रम आयोजित। प्रकृति की रक्षा ही मानव का धर्म, जागरूकता से ही सुरक्षित होगा भविष्य — ब्रह्माकुमारी अपर्णा दीदी।

ByNews Editor

Apr 26, 2026

पृथ्वी दिवस के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, शाखा टोंक के राजयोग भवन में “हमारी शक्ति – हमारा ग्रह” विषय पर एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्थानीय सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी अपर्णा दीदी सहित सभी उपस्थित सदस्यों ने राजयोग ध्यान के माध्यम से पृथ्वी (ग्लोब) को केंद्र में स्थापित कर संपूर्ण प्रकृति के लिए पवित्र एवं सकारात्मक संकल्पों का संचार किया। साथ ही सभी को प्रकृति संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी अपर्णा दीदी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति संरक्षण सदैव एक महत्वपूर्ण और पूजनीय परंपरा का हिस्सा रहा है। हमारे यहाँ पृथ्वी को माता स्वरूप मानकर उसकी पूजा की जाती है। वृक्षों, नदियों, पर्वतों, अग्नि और वायु जैसे प्रकृति के सभी तत्वों के प्रति सम्मान की भावना हमें सिखाई गई है। किंतु वर्तमान समय में मनुष्य अपने स्वार्थवश प्रकृति का अत्यधिक दोहन कर रहा है, जिसके दुष्परिणाम हम प्रत्यक्ष रूप से देख रहे हैं। अतः अब समय आ गया है कि हम सभी दृढ़ संकल्प लेकर प्रकृति के संरक्षण हेतु आगे आएं, क्योंकि यह हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आगे कहा कि हमें न केवल प्रकृति के पंचतत्वों को प्रदूषण से बचाना है, बल्कि समाज में इसके प्रति जागरूकता भी फैलानी है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सके।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी गुंजन दीदी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज की भौतिकवादी दौड़ में मानव ने विकास तो किया है, लेकिन इसके साथ ही प्रकृति से दूरी भी बढ़ा ली है। यदि हम एक पल रुककर सोचें, तो समझ आएगा कि इस विकास की कीमत कितनी भारी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और सीमित उपयोग ही सच्चा संरक्षण है, जिससे सभी जीवों का भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने संस्थान द्वारा संचालित शाश्वत यौगिक खेती पद्धति की जानकारी देते हुए बताया कि यह पद्धति न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि भूमि की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य के लिए भी एक वरदान सिद्ध हो रही है।
अंत में दीदी ने सभी को राजयोग ध्यान का अभ्यास करवाया और प्रकृति के संरक्षण हेतु संकल्प दिलाया।इस मौके पर संस्थान से जुड़े सदस्य मौजूद रहे

अन्य ख़बरें