• Sun. Apr 26th, 2026

Chanakya News India

News Broadcast Live TV

गंजबासौदा का शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य शिक्षिका विवाद, जांच फिर तेज

ByNews Editor

Apr 26, 2026

देवेंद्र रघुवंशी (जिला ब्यूरो) चाणक्य न्यूज़ विदिशा। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय गंजबासौदा इन दिनों उत्कृष्ट शिक्षा के बजाय विवादों को लेकर चर्चा में है। प्रभारी प्राचार्य और ब्यूटी वेलनेस शिक्षिका के बीच चल रहा विवाद धमना तो दूर और लगातार गहराता जा रहा है, जिसके चलते एक बार फिर जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। शुक्रवार को कुरवाई विकासखंड शिक्षा अधिकारी कमल सिंह बघेल के नेतृत्व में गठित जांच टीम विद्यालय पहुंची और पूरे मामले की बारीकी से जांच की। टीम में शासकीय हाई स्कूल फ्रीगंज की प्राचार्य श्रीमती सुनीता पाराशर भी शामिल रहीं। इस दौरान विद्यालय स्टाफ और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए गए।
क्या है पूरा मामला
ब्यूटी वेलनेस शिक्षिका दीप्ति श्रीवास्तव ने 6 अप्रैल को कलेक्टर विदिशा को शिकायत देकर प्रभारी प्राचार्य महेश चंद्र शर्मा पर मानसिक प्रताड़ना, अभद्र व्यवहार, भ्रष्टाचार और सेवा से हटाने के लिए दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। साथ ही उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
जांच से पहले ही कार्रवाई पर उठे सवाल
मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब जांच पूरी होने से पहले ही 13 अप्रैल को प्रभारी प्राचार्य द्वारा शिक्षिका को कार्यमुक्त कर दिया गया। शिक्षिका ने इसे कलेक्टर के निर्देशों की अवहेलना बताया, जबकि प्राचार्य ने अपने बचाव में विद्यालय में असुरक्षित माहौल होने की बात कही।
जांच पर जांच, फिर भी जारी है विवाद
15 अप्रैल को प्रारंभिक जांच में अभिमत लिए गए
17 अप्रैल को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय विदिशा ने प्रभारी प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया
दो विकासखंडों की टीम गठित कर विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में शुक्रवार को कुरवाई टीम ने दोबारा विद्यालय पहुंचकर जांच की और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए।
अब आगे क्या होगा?
जांच टीम द्वारा तैयार प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी विदिशा को सौंपा जाएगा। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल, यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
चाणक्य न्यूज़ विश्लेषण
शिक्षा संस्थानों में इस तरह के विवाद न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक माहौल को भी प्रभावित करते हैं। निष्पक्ष और समयबद्ध जांच ही इस तरह के मामलों में भरोसा कायम कर सकती है। मामला महिला से जुडा होने के कारण जिला प्रशासन को इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपों से पर्दा उठाना चाहिए ताकि शिक्षा का मंदिर फिर से उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम और शिक्षकों की कार्य कुशलता से ऊंचाईयों पर पहुंचे… ना कि विवादों की वजह से।

अन्य ख़बरें