इस आईडी के जरिए नागरिकों की जानकारी एक केंद्रीकृत डेटाबेस में दर्ज होगी, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सकेगा, नागरिकों के डेटा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डेटाबेस से छेड़छाड़, बिना अनुमति पहुंच बनाने, वायरस डालने या डेटा नष्ट करने जैसे मामलों में 10 साल तक की सजा और न्यूनतम 50 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है. वहीं, झूठी जानकारी देकर पहचान बदलने पर 3 साल तक की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है.
उत्तराखंड सरकार के एक फैसले से राज्य में रह रहे अवैध लोगों में खलबली मच गयी है दरअसल पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने राज्य में ‘देवभूमि परिवार कानून’ लागू कर दिया है. इस व्यवस्था के तहत राज्य में पिछले 15 सालों से रह रहे लोगों को देवभूमि परिवार आईडी जारी की जाएगी. जिनके पास ये आईडी नहीं होगी उनको किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा
