दो साल से तैयार पुल, फिर भी जनता के लिए बेकार
एप्रोच पथ अधूरा, जोखिम उठाकर गुजर रहे ग्रामीण; दर्जनों गांवों की आवाजाही प्रभावित
चाणक्य न्यूज़ इंडिया | मोतिहारी
श्यामल प्रतीक | पूर्वी चंपारण
मोतिहारी। बंजरिया प्रखंड के चैलाहां-फुलवार मुख्य मार्ग पर बुढ़वा नासी, जिसे स्थानीय लोग बुढ़वा सोती के नाम से भी जानते हैं, वहां बना नया पुल करीब दो वर्षों से तैयार बताया जा रहा है। लेकिन पुल के दोनों ओर एप्रोच पथ का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण इसका समुचित लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
बारिश के बाद सिकरहना नदी और बुढ़वा नासी का जलस्तर बढ़ने से पुराने डायवर्शन की स्थिति भी खराब हो गई है। ऐसे में आसपास के गांवों के लोगों को पुल के किनारे बने संकरे कच्चे रास्ते से जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है।
दर्जनों गांवों की बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार बुढ़वा, सुखिडीह, चिचुरहिया, बेलाडीह, फुलवार, रोहिनिया, कुकुरजरी, चित्तहां, सेमरहिया, गम्हरिया, बकुलहरा और गौरिया सहित आसपास के कई गांव इस समस्या से प्रभावित हैं।
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों, गर्भवती महिलाओं और किसानों को हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है, जबकि किसानों को भी अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मुआवजे में फंसा एप्रोच पथ?
स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है कि एप्रोच पथ के प्रस्तावित हिस्से में कुछ निजी जमीन आ रही है और मुआवजा प्रक्रिया लंबित रहने के कारण काम आगे नहीं बढ़ पाया है। हालांकि इस संबंध में संबंधित विभाग और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना आवश्यक है।
यदि मुआवजे का मामला ही निर्माण में मुख्य बाधा है, तो बड़ा सवाल यह है कि पुल तैयार होने के करीब दो वर्षों बाद भी भूमि संबंधी प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं की जा सकी।
पुल बना, मगर रास्ता अधूरा
ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण की योजना के साथ ही एप्रोच पथ और आवश्यक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। पुल तैयार होने के बावजूद उसे मुख्य सड़क से सुरक्षित तरीके से नहीं जोड़ा जाना योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़ा करता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से लंबित प्रक्रिया का शीघ्र समाधान कर एप्रोच पथ निर्माण शुरू कराने तथा तब तक सुरक्षित वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करने की मांग की है।
समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर स्थानीय लोगों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
