जैसलमेर, 13 अक्टूबर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार ट्रांसफार्मेटिव ट्यूजडे के तहत माह अक्टूबर, 2026 की थीम ‘‘ अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाओ, अपनी सुरक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहो। जहां शिक्षा होती है, वहां कोई बच्चा असुरक्षित नहीं होना चाहिए।’’ विषय पर जिला एवं तालुका स्तर पर विभिन्न विद्यालयों में बीडी व्यास न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय जैसलमेर, देव कुमार खत्री जज पोक्सो कोर्ट, ललित पुरोहित सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, विजय कोचर, जज एससीएसटी कोर्ट, रामपाल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जैसलमेर, प्रिसंीपल मजिस्ट्रेट एस.एस. चारण, वैभव गढवीर न्यायिक मजिस्ट्रेट, महक सिंघल, अति. न्यायिक मजिस्ट्रेट, डा. महेन्द्र कुमार गोयल, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश पोकरण, नवीन रतनू अति. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पोकरण, आदित्य न्यायाधिकारी सांकड़ा, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्तागण मदनसिंह, मयंक व्यास, तथा पीएलवी जगदीश, परमवरी, विक्की, अनिल कुमार, कैलाश कुमार, ने जिले भर के विद्यालयों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम व विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किये।
कार्यक्रम में बालक- बालिकाओं को सम्बोधित करते हुए संदेश प्रसारित किया कि बच्चे एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण समाज की आधारशिला हैं और उनके अधिकारों तथा सुरक्षा के प्रति जागरूकता उनके समग्र विकास और कल्याण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को सरल भाषा में जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों का अपनी सुरक्षा के लिए सतर्क रहते हुए शिक्षा हेतु प्रवेश का अधिकार, निःशुल्क शिक्षा का अधिकार, सुरक्षित विद्यालय अवसंरचना का अधिकार, योग्य शिक्षकों का अधिकार, भेदभाव और उत्पीड़न से संरक्षण, विद्यालय प्रबंधन समिति की भूमिका, आपातकाल में क्या करें? आदि कानूनी प्रावधानों के बारे में बताया गया।
इस अवसर पर निष्कर्ष रूप में रालसा सुरक्षित स्कूलों के लिए पीआईएल, कानूनी नोटिस और बच्चों की शिकायतों के माध्यम से लड़ता है, सहायता करता है तथा अधिकारों की रक्षा करता है। आपका जीवन महत्वपूर्ण है। सुरक्षित स्कूल की मांग कीजिए। निःशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009, सुरक्षित स्कूल भवन, शौचालय, पेयजल और खेल मैदान उपलब्ध कराने का प्रावधान करता है। यदि स्कूल सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हैं, तो राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराते हैं।
इसके बावजूद भी कभी दुर्घटना या ऐसी किसी भी तरह की अप्रिय घटना होने पर बच्चे कभी भी 1098 चाईल्ड लाईन अथवा नालसा 15100 हेल्पलाईन पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। किसी बालक से बाल श्रम लिया जा रहा हो तो इसकी जानकारी अपने अध्यापक, पुलिस से कर सकते हैं या विद्यालयों में स्थापित दीदी का बक्सा में बच्चे अपनी शिकायत गुप्त रूप से डाल सकते हैं जिनमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आवश्यक कार्यवाही एवं सहायता की जाएगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बाल दुर्व्यवहार रोकने और उसका समाधान करने तथा पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम प्राधिकरण पूर्व में भी आयोजित करता रहा है तथा सतत् जागृति के क्रम में भविष्य में भी विधिक जागरूकता कार्यक्रम विभिन्न विषयों को लेकर आयोजित किये जाते रहेंगे।
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चंद्र प्रकाश पुरोहित ब्यूरो प्रमुख जैसलमेर ट्रांसफार्मेटिव ट्यूजडे – आज मंगलवार को हुआ (विधिक जागरूकता शिविर) अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाओ, अपनी सुरक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहो। जहां शिक्षा होती है, वहां कोई बच्चा असुरक्षित नहीं होना चाहिए।
