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दमोह यह योजनाएं घर-घर तक पहुंचें, लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो- राज्यमंत्री श्री पटेल

यह योजनाएं घर-घर तक पहुंचें, लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो- राज्यमंत्री श्री पटेल
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आगामी तीन वर्षों में दुग्ध उत्पादन 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाने का लक्ष्य
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ग्राम रमगढ़ा में दुग्ध उत्पाद निमार्ण ईकाई का हुआ शुभारंभ
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ग्राम रमगढ़ा में महिलाओं ने दूध, घी, पनीर और खोवा के उत्पादन एवं कलेक्शन का जो सराहनीय कार्य प्रारंभ किया है, वह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्य में और अधिक महिलाओं को जोड़कर इसे और आगे बढ़ाया जाना चाहिए, क्योंकि दुग्ध व्यवसाय में अपार संभावनाएं हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री लखन पटेल ग्राम रमगढ़ा पटेरा में दुग्ध उत्पाद निमार्ण ईकाई ( पनीर, घी एवं खोवा ) के शुभारंभ करते हुए गरिमामय समारोह को संबोधित कर रहे थे, उन्होनें ग्राम रमगढ़ा में कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा दुग्ध उत्पादन से जुड़े कार्यों की सराहना की।

राज्यमंत्री श्री पटेल ने आश्वस्त किया कि साँची डेयरी से जुड़ी जो भी सुविधाएं समूहों को आवश्यक होंगी, उन्हें उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप साँची द्वारा दूध कलेक्शन को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। जहाँ पहले प्रतिदिन 8 से 8.5 लाख लीटर दूध का कलेक्शन होता था, वहीं वर्तमान में यह 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है। आगामी तीन वर्षों में इसे 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा, पहले गांवों में दूध उत्पादन तो होता था, लेकिन उसके विपणन की समस्या रहती थी, जो अब समाप्त हो चुकी है। इससे ग्रामीण किसानों और महिलाओं को सीधे लाभ मिल रहा है। उन्होंने स्व-सहायता समूहों की बहनों से आग्रह किया कि वे और अधिक लोगों को इस कार्य से जोड़कर दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।

राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा, योजनाओं की जानकारी के अभाव में कई लोग लाभ से वंचित रह जाते हैं। जब दमोह में 18 भैंसें हितग्राहियों को वितरित की गईं और यह समाचार पत्रों, टीवी व सोशल मीडिया में प्रसारित हुआ, तब लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूकता मिली। वर्तमान में कामधेनु योजना के अंतर्गत 25 से 200 गायों एवं 200 भैंसों तक का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए निर्धारित 296 के लक्ष्य के विरुद्ध अभी केवल 50 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पोर्टल पुनः खोला गया है और योजना में आवश्यक संशोधन किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें। उनका उद्देश्य है कि यह योजनाएं घर-घर तक पहुंचें, लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो।

राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा मध्य प्रदेश सरकार और भारत सरकार दोनों महिलाओं के लिए हर संभव कार्य कर रही हैं। उन्होंने लखपति दीदी योजना के सबंध में कहा चाहे वह स्व-सहायता समूह के माध्यम से हो या किसी भी अन्य कार्य के माध्यम से कम से कम 10,000 रुपये महीने की अपनी आय पैदा करना। जब कोई महिला इतनी आय अर्जित करती हैं, तभी वह ‘लखपति दीदी’ बन सकती हैं। उन्होने कहा, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का धन्यवाद करना चाहता हूँ कि उन्होंने देश की ‘आधी आबादी’ (महिलाओं) के लिए जो कदम उठाए हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं।

राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा, आज मुझे यहाँ आकर बहुत अच्छा लगा कि महिलाएँ स्व-सहायता समूह के माध्यम से दूध कलेक्शन का कार्य कर रही हैं। जैसा कि श्री जाखड़ ने बताया कि 28 केंद्रों पर दूध का कलेक्शन हो रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से साँची को दूध भेज रहे हैं। मुझे जानकारी मिली है कि वर्तमान में साँची के लिए दूध कलेक्शन में कोई समस्या नहीं है, आप जितना भी दूध इकट्ठा करेंगे, वह सारा का सारा साँची द्वारा लिया जाएगा।