जितेन्द्र कुमार त्रिपाठी
ब्यूरो प्रमुख- बस्ती जनपद
दिनांक:11 जनवरी 2026
बस्ती: सर्किट हाउस बस्ती में प्रभारी मंत्री आशीष पटेल ने सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों के साथ कोर ग्रुप एवं जिला प्रशासनिक समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक के दौरान उन्होंने विकसित भारत जी-राम-जी जनजागरण अभियान पर प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीवका मिशन ग्रामीण अधिनियम 2025 का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को केवल कल्याण योजना के रूप में नहीं, बल्कि विकास से जुड़ी गारंटी के रूप में स्थापित करना है, ताकि यह विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप हो।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखता है और मनरेगा की पुरानी कमजोरियों को दूर करने के लिए तकनीक पर आधारित पारदर्शिता, मजबूत जवाबदेही, और स्थायी संसाधनों व दीर्घकालीन ग्रामीण उत्पादन पर विशेष ध्यान देने की व्यवस्था करता है।
उन्होंने कहा कि इस अधिनियम में ग्रामीण प्रत्येक परिवार को मिलने वाला निश्चित रोजगार 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है, यानि 25 प्रतिशत की वृद्धि तथा खेतीहर कार्यों के लिए 60 दिन काम के लिए आरक्षित किये गये है। इस प्रकार 185 दिनों की काम की गारंटी देता है। जो एक कानूनी रूप से तय मानक अधिकार बन गया है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि अनुमन्य कार्यों की सूची में 260 से अधिक बिखरे हुए कार्यों को अब केवल चार मुख्य क्षेत्रों में बांटा गया है-जल सुरक्षा ग्रामीण अवसंचना, आजीविका सम्पत्ति और जलवायु संरक्षण। किसानों के हितो की सुरक्षा की गयी है जिसमें फसल बोने और काटने के प्रमुख मौसमों (साल मे 60 दिन अधिकतम) के दौरान अन्य वीबी-जी राम-जी के कार्यों को कानूनी रूप से रोका जायेगा, ताकि बुआई, कटाई के लिए समस्या न हो जिससे रोजगार गारंटी को कृषि चक्र के अनुसार संतुलित किया जा सकेगा। जहां किसानों को सुरक्षा प्रदान की गयी है, वहीं यह मजदूरी 60 दिन अतिरिक्त पाने की गारंटी प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ता अब एक स्पष्ट और समयबद्ध अधिकार के रूप में तय किया गया है यदि किसी ग्रामीण को काम की मांग के 15 दिनों के अन्दर रोजगार नही मिलता तो भत्ता दिया जायेगा, इसके साथ ही जिम्मेदार अधिकारी की समय सीमा और देयता भी स्पष्ट रूप से निर्धारित की गयी है। इसमें जवाबदेही और निगरानी को मजबूत किया गया है। एआई आधारित धोखाधड़ी की पहचान, जीपीएसध्मोबाइल ट्रैकिंग, साप्ताहिक, सार्वजनिक डेटा प्रकाशन, अनिवार्य 2 बार, सालाना सामाजिक आडिट, और लगातार निगरानी और सुधार सुनिश्चित करने के लिए केन्द्रीय एवं राज्य स्तर पर स्टेयरिंग कमेटियां गठित की गयी है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि कार्यस्थलों की गरिमा, मजबूत गांव, टिकाऊ संसाधन और प्रभावी शासन के जरिये ग्रामीण आजीविका में ठोस परिणाम देने पर ध्यान केन्द्रित करना है। पहले जहां भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था। वहीं वीबी-जी राम-जी के अन्तर्गत मांगे गये काम के 7 दिनों में यदि काम का भुगतान नही मिलता तो ब्याज सहित भुगतान किया जायेगा।
