*नाम के साथ लिखा ब्लड ग्रुप, दिल में बसी मानव सेवा 51वीं बार रक्तदान करेंगे दीपक जैन*
दमोह: प्रदेश में शायद यह पहला ऐसा नाम है जो पहचान के साथ-साथ जीवन बचाने का संदेश भी देता है। हम बात कर रहे हैं दमोह जिले के निवासी दीपक जैन ‘ए प्लस’ की जी हां, यही उनका परिचय है। नाम के पीछे लिखा ब्लड ग्रुप केवल अक्षर नहीं, बल्कि समर्पण, संवेदना और मानव सेवा का प्रतीक है। 47 वर्ष की उम्र में दीपक जैन वह कर चुके हैं,जो कई लोग पूरी जिंदगी में भी नहीं कर पाते। अपनी उम्र से भी अधिक बार रक्तदान कर चुके दीपक जैन मंगलवार को 51वीं बार रक्तदान करने जा रहे हैं। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि 51 परिवारों के लिए जीवन की उम्मीद है। दीपक जैन लगातार मानव सेवा के कार्यों में सक्रिय रहते हैं। जब भी किसी जरूरतमंद को रक्त की आवश्यकता होती है,वे बिना किसी संकोच के आगे बढ़ते हैं। उनका मानना है कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं, क्योंकि इससे किसी की धड़कनें लौट आती हैं। मंगलवार को होने वाला यह रक्तदान उनके जीवन का एक भावुक और ऐतिहासिक पल होगा। इस अवसर पर उन्होंने समाज के नागरिकों से अपील की है कि रक्तदान के लिए आगे आएं,और उपस्थित हों
