चारनेट, 24 अप्रैल। चारनेट के पावन दर्रा स्थल पर आज श्रद्धा, आस्था और उत्साह के बीच श्री दर्रा बालाजी महाराज के नवनिर्मित भव्य मंदिर का निर्माण कार्य नींव शिलान्यास एवं भूमि पूजन के साथ विधिवत प्रारंभ हुआ। लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक पहचान को नई दिशा प्रदान करेगा। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः भव्य शोभायात्रा से हुई, जो श्री रामदेव जी मंदिर (पुरानी स्कूल भवन) से प्रारंभ होकर मुख्य बाजार मार्ग से होते हुए दर्रा बालाजी मंदिर प्रांगण तक पहुंची। शोभायात्रा में यजमान को घोड़ी पर विराजित कर डीजे की भक्ति धुनों के साथ निकाला गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। नींव मुहूर्त का पावन कार्य गुराई निवासी आचार्य पण्डित श्री ब्रजमोहन जी शर्मा के सान्निध्य में शुभ मुहूर्त में विधिवत सम्पन्न कराया गया। इस दौरान नींव का पवित्र पत्थर अग्नि कोण में स्थापित किया गया, जिसे अत्यंत शुभ एवं मंगलकारी माना जाता है। इस अवसर पर मंदिर निर्माण हेतु ₹11 लाख का गुप्त दान प्राप्त हुआ। साथ ही अन्य भक्तों द्वारा भी लाखों रुपये का आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। प्रमुख सहयोग इस प्रकार रहा। बजरंग लाल जी (बासेड़ा) एवं उनके साथियों द्वारा — ₹51,000,रामप्रसाद जाट (खातीपुरा) — ₹11,000,शिव शक्ति परिवार (साखणा) — ₹10,000 नींव में पवित्र पत्थर स्थापित करने की बोली प्रक्रिया के अंतर्गत ₹2,11,000 (दो लाख ग्यारह हजार रुपये) की सर्वोच्च बोली श्री बसंत चौधरी (ग्राम कोटड़ा) द्वारा लगाई गई।
अन्य प्रमुख संकल्प बोलियाँ इस प्रकार रहीं—मोहन लाल मीणा (चारनेट) — ₹16,000
ताराचंद विजयवर्गीय (टोंक), — ₹15,000गिर्राज विजयवर्गीय (टोंक) — ₹14,000,शिवनारायण गुर्जर (अगरिया) — ₹13,000
इस अवसर पर घर-घर जाकर प्रसाद स्वरूप लड्डू वितरित किए गए, जिससे प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता सुनिश्चित हुई और सभी ने बालाजी का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं ने अपने घरों से पत्थर, ईंट एवं पवित्र मिट्टी लाकर मंदिर की नींव में समर्पित कर इस पावन कार्य में अपनी भागीदारी निभाई।
समिति के सचिव लड्डू लाल मीणा ने बताया कि यह मंदिर निर्माण कार्य समस्त ग्रामवासियों एवं धर्मप्रेमी जनों के सहयोग से पूर्ण किया जाएगा तथा भविष्य में यह स्थल आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा।
इस मौके पर श्री दर्रा बालाजी मंदिर विकास एवं जन सेवा समिति, चारनेट एवं समस्त सकल पंच—चारनेट, गैरोटी, कोटड़ा, बहलडी, अगरिया, इन्दौदा, केदारा, पालगंज, नानकपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। जी


