बीजेपी ने शनिवार को दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के 95 लोधी एस्टेट के आवास की तस्वीरें जारी कीं। दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि उनके मन में अभी भी ‘शीशमहल’ रहता है। उन्होंने अपने सरकारी आवास को आलीशान बनाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए हैं।
अरविंद 24 अप्रैल को नए सरकारी आवास में शिफ्ट हुए थे। वर्मा ने कहा, ‘केजरीवाल लंबे समय से सरकारी बंगले के लिए अदालत जा रहे थे। अब उन्हें 95 लोधी एस्टेट में आवास मिला है। तस्वीरें देखकर हैरानी हुई। जो सादगी की बात करते थे, वे आज लग्जरी में रह रहे हैं।’
AAP नेता आतिशी ने सभी फोटो को फर्जी बताया है। उन्होंने कहा- ये फोटोज केजरीवाल के घर के नहीं हैं। अगर यह जानना है कि किसका घर कितना आलीशान है, तो रेखा गुप्ता और एलजी साहब अपने-अपने घर खोलें। केजरीवाल जी भी अपना घर खोलेंगे। इसके बाद जनता खुद तय कर लेगी।
- प्रवेश वर्मा ने कहा, ‘दिल्ली के ‘रहमान डकैत’, जिस तरह फिल्म ‘धुरंधर’ का सीक्वल आया है, उसी तरह आज हम ‘शीश महल 2’ का खुलासा करने जा रहे हैं। जब दिल्ली कोविड की लहर से जूझ रही थी, तब अरविंद ने दिल्ली में शीश महल बनवाया।
- ‘दिल्ली के लोग कोविड की दवाइयों की मांग कर रहे थे और मर रहे थे। उस समय भी केजरीवाल के आदेश पर शीश महल का काम एक दिन के लिए भी नहीं रुका। जब ‘धुरंधर’ दिल्ली के वोटरों ने दिल्ली के ‘रहमान डकैत’ को हरा दिया, तो वह पंजाब चले गए।’
- ‘भगवंत मान की मुश्किलें बढ़ा दीं। भगवंत मान के घर के आसपास के चार बड़े सरकारी मकानों में से एक में केजरीवाल, दूसरे में पूर्व दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, तीसरे में राज्यसभा सांसद संजय सिंह और एक अन्य में मनीष सिसोदिया रह रहे थे।’
- उन्होंने आगे कहा, ‘पंजाब में भगवंत मान परेशान हैं। वहां भी उन्होंने एक और शीश महल बनवाया। आज दिल्ली में वह कई सालों से कोर्ट जाकर बंगले की मांग कर रहे थे। और जब उन्हें वह बंगला मिला, जिसमें वह कल शिफ्ट हुए- 95 लोधी एस्टेट तो उसकी तस्वीरें सामने आने पर हम हैरान रह गए। जो व्यक्ति सादगी से रहने की बात करता था, आज वह बेहद आलीशान जीवन जी रहा है।’
केजरीवाल शुक्रवार को सरकारी आवास में शिफ्ट हो गए। केंद्र ने उन्हें राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष के तौर पिछले साल अक्टूबर में 95 लोधी एस्टेट में एक बंगला आवंटित किया था। अभी वह पंजाब से AAP के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को आवंटित सरकारी आवास में रह रहे थे।
इस सरकारी आवास के लिए उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसमें सुनवाई के दौरान केंद्र ने अदालत से कहा था कि 10 दिनों के भीतर उन्हें आवास दे दिया जाएगा। इसी के तहत 95 लोधी एस्टेट में आवास आवंटित हुआ था।
करीब 5,000 वर्गफुट में फैला यह टाइप-VII बंगला सरकारी आवास की दूसरी सबसे बड़ी कैटेगरी में आता है। इसमें चार बेडरूम, हॉल, डाइनिंग रूम, वेटिंग रूम, ऑफिस स्पेस, दो लॉन, एक गैराज और तीन सर्वेंट क्वार्टर हैं।
CM आवास की तस्वीरें, BJP इसे ‘शीशमहल’ कहती थी
केजरीवाल 2015 से 2024 तक दिल्ली के सीएम थे। इस दौरान वे 6 फ्लैगस्टाफ रोड के बंगले में रहे। यही सीएम आवास था। भाजपा का आरोप है कि केजरीवाल ने इसे ‘शीशमहल’ बनाया था। इसे आलीशान बनाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ कि रिनोवेशन पर तय अनुमान से करीब 342% ज्यादा खर्च किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में इस काम की अनुमानित लागत करीब 7.91 करोड़ रुपए थी, लेकिन अंतिम खर्च बढ़कर 33.66 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इसमें से लगभग 18.88 करोड़ रुपए महंगे इंटीरियर, सजावटी और एंटीक सामान पर खर्च किए गए
