विदिशा। कोतवाली थाना क्षेत्र के ईदगाह चौराहे पर उस वक्त पुलिस की संवेदनशीलता का एक भावुक उदाहरण देखने को मिला, जब डायल-112 (FRV-11) की टीम ने एक बिछड़ी हुई मासूम बच्ची को सुरक्षित उसकी माँ तक पहुँचाया। पुलिस की इस तत्परता की नगर में काफी सराहना हो रही है।
लावारिस मिली थी मासूम, टीम ने नहीं मानी हार
डायल-112 के पायलट अंकित रघुवंशी और आरक्षक अनिदेश सेंगर को गश्त के दौरान ईदगाह चौराहे पर एक ढाई साल की मासूम बच्ची अकेली और डरी हुई मिली। बच्ची इतनी छोटी थी कि वह अपने घर का पता या परिजनों के बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ थी।
विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, टीम ने हार नहीं मानी और इलाके में सघन पूछताछ और अपने स्तर पर प्रयास जारी रखे। कड़ी मशक्कत के बाद टीम को सूचना मिली कि बच्ची की माँ पास के ही एक अस्पताल में भर्ती है।
अस्पताल पहुँचकर मिलाया माँ से
पुलिस टीम तुरंत बच्ची को लेकर अस्पताल पहुँची, जहाँ उपचार करा रही माँ अपनी कलेजे के टुकड़े को सामने देख भावुक हो गई। मासूम बच्ची के चेहरे की मुस्कान और परिजनों की आँखों में खुशी के आँसू पुलिस के इस मानवीय कार्य की सफलता का प्रमाण बने।
“जब बच्ची ने अपनी माँ को देखा, तो उसके चेहरे पर आई चमक ने हमारी पूरी मेहनत सफल कर दी। हमारा उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था संभालना नहीं, बल्कि नागरिकों की सेवा करना भी है।”
— टीम, डायल-112
पुलिस अधीक्षक ने किया सम्मानित
इस उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य के लिए विदिशा पुलिस अधीक्षक (SP) ने पायलट अंकित रघुवंशी और आरक्षक अनिदेश सेंगर की पीठ थपथपाई। एसपी कार्यालय में दोनों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। विभाग का मानना है कि इस तरह के कार्यों से जनता के बीच पुलिस की छवि और अधिक विश्वसनीय बनती है।
मुख्य बिंदु:
स्थान: ईदगाह चौराहा, कोतवाली थाना क्षेत्र।
टीम: पायलट अंकित रघुवंशी और आरक्षक अनिदेश सेंगर।
सफलता: गुमशुदा बच्ची को अस्पताल में भर्ती माँ से मिलवाया।
पुरस्कार: पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
