• Tue. May 12th, 2026

Chanakya News India

News Broadcast Live TV

ईआरसीपी परियोजना में किसानों को डीएलसी से 10 गुना मुआवजा देने की मांग, ग्राम सेवा सहकारी समिति पलाई के अध्यक्ष सहित किसानों ने भूमि अवाप्ति अधिकारी एवं अतिरिक्त कलक्टर को सौंपा ज्ञापन

ByNews Editor

May 7, 2026

ईआरसीपी (ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट) परियोजना के तहत अधिग्रहित की जा रही किसानों की भूमि के बदले उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर गुरुवार को ग्राम सेवा सहकारी समिति पलाई के अध्यक्ष प्रधान गुर्जर के नेतृत्व में किसानों ने अतिरिक्त कलक्टर एवं भूमि अवाप्ति अधिकारी, बीसलपुर परियोजना देवली को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मांग की कि परियोजना के अंतर्गत ली जा रही भूमि का मुआवजा डीएलसी दर से 10 गुना दिया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को न्याय मिल सके।
ज्ञापन में बताया गया कि ईआरसीपी परियोजना के लिए क्षेत्र की कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। अधिकांश किसान पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं और उनकी जमीन ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। ऐसे में भूमि अधिग्रहण के बाद उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। किसानों का कहना है कि वर्तमान में प्रस्तावित मुआवजा राशि जमीन की वास्तविक बाजार कीमत की तुलना में काफी कम है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। ग्राम सेवा सहकारी समिति पलाई के अध्यक्ष प्रधान गुर्जर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनों के बाजार भाव लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि प्रशासनिक स्तर पर निर्धारित डीएलसी दरें वास्तविक कीमतों से काफी कम हैं। किसानों की मांग है कि अधिग्रहित भूमि का मुआवजा डीएलसी दर से 10 गुना तय किया जाए, ताकि किसान अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर सकें और नई जगह पर पुनः जीवन यापन की व्यवस्था कर सकें। किसानों ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि वे विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं, लेकिन किसानों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। सरकार को किसानों की समस्याओं को मानवीय दृष्टिकोण से देखते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए। किसानों ने मांग की कि उनकी बात मुख्यमंत्री एवं उच्च स्तर तक पहुंचाई जाए और जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान किसानों ने प्रशासन से मुआवजा प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने और प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत देने की मांग भी की। किसानों का कहना था कि यदि उचित मुआवजा नहीं मिला तो कई परिवार आर्थिक संकट में आ जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है।
इस दौरान क्षेत्र के कई किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे। किसानों ने एकजुट होकर प्रशासन से न्यायपूर्ण मुआवजा नीति लागू करने की मांग की। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि परियोजना के लिए किसानों की भूमि ली जा रही है तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि प्रभावित परिवारों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए। गौरतलब है कि ईआरसीपी परियोजना के तहत क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लगातार जारी है। ऐसे में मुआवजे को लेकर किसानों की चिंता और नाराजगी भी बढ़ती जा रही है। अब किसानों की निगाहें प्रशासन और सरकार के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं।

अन्य ख़बरें