उर्फी रिज़वी की रिपोर्ट
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में चार बिंदुओं जिसमें बैनामा, सड़क मरम्मत, जलजमाव, चीनी प्याज स्टॉक, सहित अन्य बिंदुओं पर मीडिया प्रतिनिधिगण के साथ प्रेस वार्ता की गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में जनसुनवाई एवं आई०जी०आर०एस० पोर्टल के माध्यम से प्राप्त भूमि विवाद से संबंधित संदर्भों के परीक्षण/अवलोकन से यह तथ्य संज्ञान में आया है कि बड़ी संख्या में ऐसे प्रकरण प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें बैनामा निष्पादित करते समय भूमि के वास्तविक स्वामित्व, वैधानिक अंश एवं कब्जे की स्थिति का समुचित परीक्षण नहीं किया जाता है। विशेष रूप से ऐसे प्रकरण संज्ञान में आ रहे हैं, जिनमें विक्रेता द्वारा अपने वैधानिक अंश से अधिक भूमि का विक्रय कर दिया जाता है अथवा सहखातेदारों के मध्य विधिक रूप से अंश निर्धारण/बंटवारा न होने के बावजूद भूमि के किसी विशिष्ट भाग, विशेषकर सड़क मार्ग से सटे अथवा अन्य सुविधाजनक भाग, का पृथक रूप से विक्रय कर दिया जाता है। इसी प्रकार, कुछ प्रकरणों में ऐसी भूमि का विक्रय कर दिया जाता है, जिस पर विक्रेता का वास्तविक कब्जा नहीं होता अथवा मौके पर किसी अन्य व्यक्ति का कब्जा होता है। फलतः बैनामा निष्पादन के उपरान्त क्रेता, विक्रेता एवं सहखातेदारों के मध्य विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है तथा ऐसे प्रकरण जनसुनवाई/आई०जी०आर०एस० पोर्टल पर शिकायत के रूप में संदर्भित होते हैं। इससे आमजन को अनावश्यक आर्थिक एवं मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है तथा राजस्व एवं न्यायालयीन स्तर पर भी अनावश्यक वाद-विवाद एवं कार्यवाही की स्थिति उत्पन्न होती है।
उक्त के संबंध में जनपद के मा० प्रभारी मंत्री जी निर्देशों के अनुपालन में उक्त पत्र/आदेश दिनांक 05-08-2026 को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है तथा तत्संबंध में आमजन को भूमि के क्रय-विक्रय से पूर्व आवश्यक सावधानी बरतने हेतु निम्नवत् संशोधित दिशा-निर्देश निर्गत किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य संभावित धोखाधड़ी/फर्जीवाड़े, स्वामित्व एवं अंश संबंधी विवाद, कब्जे संबंधी विवाद तथा बैनामा निष्पादन के उपरान्त उत्पन्न होने वाली अनावश्यक विधिक कार्यवाही से बचाव के साथ-साथ राजस्व हितों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होने कहा कि वैधानिक अंश से अधिक भूमि का विक्रय न किया जाये। भूमि का स्वामित्व एवं अभिलेखीय परीक्षण का सत्यापन अवश्य किया जाये।
इस दौरान उन्होंने यह भी अवगत कराया कि मीडिया में प्रचारित जनपद मे दो लोगों के बाढ़ के पानी से डूबने की खबर गलत है यद्यपि नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है किंतु जो मृत्यु हुई है उसमें मृत्यु का़ कारण बाढ नहीं है । सेवराई और मोहम्मदाबाद तहसील के दोनों मृतक व्यक्तियों के परिजन को को चार-चार लाख की सहायता राशि प्रदान की गई है। संभावित बाढ़ की दृष्टिगत नदियों के जल स्तर की नियमित समीक्षा की जा रही है। जनपद स्तर पर कन्ट्रोल रूम बनाये गया है तथा बाढ से बचाव हेतु लोगो को जागरूक भी किया जा रहा है। रूट डायवर्जन नदियों पर बैरिकेडिंग इत्यादि कार्रवाई की जा रही है इसके साथ ही उन्होंने भी अवगत कराया की वर्षा ऋतु के कारण लोक निर्माण विभाग तथा नगर पालिका द्वारा 1 अक्टूबर 2026 के बाद सड़क मरम्मत की कार्यवाही की जाएगी तथा माह दिसम्बर तक प्रमुख सड़को के निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है।
इस दौरान उन्होने अवगत कराया कि जनपद मे पर्याप्त मात्रा मे चीनी तथा प्याज का पर्याप्त उपलब्ध है लगातार जॉच कर कार्यवाही की जा रही है। इस दौरान उन्होने डिप्टी आर एम ओ के मो नम्बर 9838072270 को भी मीडिया मे इस उद्देश्य प्रचारित किया कि इस पर किसी के द्वारा अवैध भण्डारण की जाती है तो उसकी शिकायत की जा सकती है। इस अवसर पर मुख्य राजस्व अधिकारी सूनील कुमार त्रिवेदी , जिला पूर्ती अधिकारी अनन्त प्रताप सिंह, डिप्टी आर एम ओ आशुतोष पाण्डेज, अधिशासी अभियन्ता नगर पलिका परिषद धीरेन्द्र राय एवं सम्मानित मीडिया बन्धु उपस्थित थे।
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