कुशलगढ: नगर में जलझूलनी एकादशी पर शोभा यात्रा निकाली। शोभा यात्रा की शुरुआत स्गणपति मंदिर से हुई। जो सरदार पटेल मार्ग नीलकंठ महादेव सत्यनारायण मंदिर नृसिंह मंदिर गांधी चोक नहेरू मार्ग सुभाष मार्ग बिहारी मंदिर होते हुए बावलिया खार हिरण नदी में संपन्न हुई। इसके बाद हिरण नदी बावलियां खार में श्रीकृष्ण का स्नान करवाकर, अभिषेक के बाद पूजा-अर्चना कर आरती की गई उसके पश्चात प्रसाद लगाया। कहा जाता है कि श्रीकृष्ण के जन्म के 11वें दिन माता यशोदा ने उनका जलवा पूजन किया था। इसी दिन को जलझूलनी एकादशी के रूप में भी मनाया जाता है। बताया जाता कि इस दिन भगवान करवट लेते हैं। जल झूलनी एकादशी के अवसर पर कृष्ण मंदिरों में पूजा-अर्चना होती है तथा भगवान कृष्ण की शोभायात्रा निकाली जाती है। एकादशी तिथि का वैसे भी सनातन धर्म में बहुत महत्व माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जलझूलनी एकादशी का व्रत रखे बगैर जन्माष्टमी का व्रत पूर्ण नहीं होता। इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजनों का निश्चित रूप से सकारात्मक असर देखने को मिलता है। इस दौरन गणपति मंदिर,सत्यनारायण मंदिर ,बिहारी मंदिर,सोमनाथ मंदिर राम मंदिर की पालकी में विराजमान थे।
