महावाणिज्यदूत डी. एस. मीणा बोले—स्वस्थ जीवनशैली और रोगों से बचाव में आयुर्वेद की अहम भूमिका
चाणक्य न्यूज़ इंडिया | विशेष रिपोर्ट
श्यामल प्रतीक | रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर
वीरगंज। भारत के महावाणिज्य दूतावास, वीरगंज की ओर से बुधवार को ‘आयुर्वेद दिवस’ का आयोजन किया गया। ‘स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद’ के संदेश के साथ आयोजित कार्यक्रम में आयुर्वेद की उपयोगिता, स्वस्थ जीवनशैली, रोगों से बचाव तथा पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के महत्व पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के महावाणिज्यदूत डी. एस. मीणा ने कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने की एक व्यापक परंपरा है। उचित खान-पान, नियमित दिनचर्या और प्राकृतिक उपचार के माध्यम से यह स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देता है।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद से संबंधित पारंपरिक ज्ञान और व्यवहार को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और चिकित्सकीय संबंधों में आयुर्वेद की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है और यह दोनों देशों के जनस्तरीय संबंधों को और मजबूत कर सकता है।
प्रादेशिक आयुर्वेद तथा वैकल्पिक चिकित्सालय के डॉ. शिवनारायण गुप्ता ने कहा कि आयुर्वेद का उद्देश्य केवल बीमारी के बाद उपचार करना नहीं, बल्कि रोगों की रोकथाम और शरीर को स्वस्थ बनाए रखना भी है। नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार, योग और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाकर कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।
उन्होंने आयुर्वेद के वैज्ञानिक पक्ष पर अधिक अध्ययन और शोध की आवश्यकता बताते हुए आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ इसके समन्वित उपयोग पर जोर दिया।
कार्यक्रम में डॉ. महारुद्र ठाकुर, डॉ. पुनीता केशरी, डॉ. राहुल विक्रम शाह, डॉ. मनीष शाह, समाजसेवी संजय अग्रवाल, नेपाल पत्रकार महासंघ पर्सा के सदस्य तथा नेपाल फोटो पत्रकार महासंघ के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य राहुल कुमार गुप्ता समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों ने दैनिक जीवन में आयुर्वेद के व्यावहारिक उपयोग, प्राकृतिक उपचार और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित जानकारी साझा की।
कार्यक्रम का संचालन भारत के महावाणिज्य दूतावास, वीरगंज के कौंसुल (ईसीसी) मनीष दुधपुरी ने किया
