पानी में यदि किसी प्रकार की गंदगी है, तो उसको दूर करने कार्ययोजना बनाई जा रही है, ताकि उसकी प्रॉपर सफाई हो जाये और पानी में किसी प्रकार की गंदगी न रहे
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राजनगर जल सप्लाई प्लांट, दमोह फिल्टर प्लांट, धरमपुरा वार्ड में पानी सप्लाई एवं न्यू पीएम आवास में पानी सप्लाई का किया निरीक्षण
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नगर पालिका सीएमओ को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश
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आज नगर पालिका की टीम के साथ राजनगर जल सप्लाई प्लांट, दमोह फिल्टर प्लांट, धरमपुरा वार्ड में पानी सप्लाई एवं न्यू पीएम आवास में पानी सप्लाई का निरीक्षण किया और नगर पालिका सीएमओ को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
आज नगरपालिका की टीम के साथ पानी के प्रवाह तंत्र का निरीक्षण किया। राजनगर से पानी आगे की ओर सप्लाई होता है। पानी में यदि किसी प्रकार की गंदगी है, तो उसको दूर करने कार्ययोजना बनाई जा रही हैं, ताकि प्रॉपर सफाई हो जाये और पानी में किसी प्रकार की गंदगी न रहे। फ़िल्टर प्लांट के बारे में निर्देश दिए हैं, डिटेल में आदेश भी जारी किये जा रहे हैं। रसायन शास्त्र के विशेषज्ञ सहित पांच-छह विशेषज्ञों की टीम बनाई गई है। फ़िल्टर प्लांट लैब की प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से पानी की वहां पर टेस्टिंग होती है, उसका पूरा अध्ययन किया जायेगा। उपकरणों को देखेंगे और उसके बाद एक रिपोर्ट देंगे कि व्यवस्थाएं किस प्रकार की हैं और इसमें किस प्रकार के सुधार की ज़रूरत है।
सीएमओ नगरपालिका को निर्देशित किया गया है कि सप्ताह में कम से कम एक बार फ़िल्टर प्लांट का निरीक्षण करेंगे। वहां पर एक निरीक्षण पंजी बनाने के निर्देश दिए गए हैं कि वहां पर उसका एक निरीक्षण पंजी में उनके निरीक्षण की टीप हर हफ्ते डलेगी।
धरमपुरा वार्ड पहुंचे वहां पानी सप्लाई हो रहा था, धरमपुरा वार्ड में ग्राउंड पर, घरों में पानी की टेस्टिंग के लिए गए थे। टेस्टिंग आम व्यक्तियों के सामने कराई गई, पानी की स्थिति व क्वालिटी तो बहुत अच्छी पाई गई। दोबारा जुझार घाट का भ्रमण किया जायेगा और साथ में जिन जगहों से सीएम हेल्पलाइन या दमोह हेल्पलाइन में शिकायत आई है, उन जगहों का भी भ्रमण करेंगे ताकि वहां पर देख लिया जाए कि पानी की क्वालिटी क्या है, पानी की क्वालिटी खराब है या फिर किसी और कारण से वहां पर पानी दूषित हो रहा है।
पीएम आवास न्यू दमोह में भ्रमण कर पानी चेक किया वहां पर भी पानी की क्वालिटी बहुत अच्छी पाई गई। लगातार इसका निरीक्षण किया जायेगा। तय किया है एक भ्रमण थोड़े दिनों के बाद जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिकों के साथ भी फ़िल्टर प्लांट का किया जायेगा ताकि वह भी देख सकें कि किस तरह की हमारी गतिविधियां हैं। किस प्रकार से काम किया जा रहा हैं, इससे पारदर्शिता और अधिक बढ़ेगी।
