ईरान में राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई को अपना इस्तीफा भेजा है। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, पजशकियान ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि देश की सत्ता पर अब पूरी तरह इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडरों का कंट्रोल हो गया है।
रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि, पजशकियान के मुताबिक फरवरी में अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से उनकी सरकार को बड़े फैसलों में शामिल नहीं किया जा रहा है और वास्तविक नियंत्रण सैन्य नेतृत्व के हाथों में चला गया है।
हालांकि, ईरानी प्रेसिडेंट कार्यालय में संचार और सूचना प्रसार विभाग के डिप्टी चीफ सैयद मेहदी तबातबाई ने इस रिपोर्ट को खारिज किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राष्ट्रपति पजशकियान जनता की सेवा से पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने इन खबरों को अफवाह बताते हुए कहा कि जैसे ईरानी जनता एकता और प्रतिरोध के रास्ते से पीछे नहीं हटेगी, वैसे ही पेजेशकियन भी लोगों की सेवा जारी रखेंगे।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
- ब्यूफोर्ट किले पर इजराइल का कब्जा: इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में 900 साल पुराने ब्यूफोर्ट किले और आसपास की पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया। यह पिछले 26 साल में इजराइल की लेबनान में सबसे बड़ी घुसपैठ है।
- इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग: फ्रांस ने लेबनान में इजराइल की बढ़ती सैन्य कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है।
- ट्रम्प बोले- ईरानी सेना के खिलाफ सख्त एक्शन नहीं: ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका ने ईरानी सेना पर उतनी सख्त कार्रवाई नहीं की, जितनी वह दूसरे देशों की सेनाओं के खिलाफ करता रहा है।
- ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं: ईरान ने कहा है कि जब तक यह भरोसा नहीं हो जाता कि उसके अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं, तब तक अमेरिका के साथ किसी भी समझौते को मंजूरी नहीं दी जाएगी।
- अमेरिका ने ईरान जा रहे जहाज को रोका: अमेरिका ने ईरान की ओर जा रहे एक और मालवाहक जहाज को रोक दिया। 17 अप्रैल से अब तक अमेरिका 6 जहाजों को ईरान जाने से रोक चुका है।

