आदापुर (संवाददाता)। आदापुर प्रखंड की श्यामपुर पंचायत में विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। पंचायत के विभिन्न वार्डों से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं कि नल-जल योजना, नाली-गली योजना एवं अन्य विकास कार्य अपेक्षित स्तर पर नहीं हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी योजनाओं पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर उसका लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है।
ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटो पंचायत की स्थिति को बयां करते नजर आते हैं। तस्वीरों में श्यामपुर बाजार गली नंबर-3 और आदापुर मेन रोड पर भारी जलजमाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सड़कें कीचड़ और गंदे पानी से लबालब भरी हुई हैं, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। छोटे-छोटे बच्चे पानी से भरी सड़क पर पैदल गुजरने को मजबूर हैं, जबकि दोपहिया वाहन चालक भी कठिनाई के साथ रास्ता पार करते दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की बारिश के बाद भी सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बाजार क्षेत्र सहित कई मोहल्लों में जलजमाव की समस्या स्थायी बन गई है। ग्रामीणों के अनुसार बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे दुकानदारों, छात्रों और आम राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
हरिजन बस्ती में सबसे अधिक परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत की हरिजन बस्ती में वर्षों से मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। नालियों के अभाव और खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण बारिश का पानी घरों के आसपास जमा हो जाता है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
नल-जल योजना पर भी सवाल
गर्मी के मौसम में नल-जल योजना की स्थिति को लेकर भी ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई स्थानों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है तथा नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। परिणामस्वरूप लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के रखरखाव के नाम पर राशि खर्च होने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में हुए कई विकास कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। कुछ स्थानों पर अधूरे कार्य पड़े हैं, जबकि कहीं-कहीं निर्माण कार्य शुरू होने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। लोगों ने विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
मुखिया ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं श्यामपुर पंचायत के वर्तमान मुखिया ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि पंचायत में उपलब्ध संसाधनों और सरकारी नियमों के अनुसार लगातार विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर तकनीकी कारणों से समस्याएं उत्पन्न हुई हैं, जिन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। मुखिया ने यह भी कहा कि पंचायत में हुए सभी कार्यों का रिकॉर्ड उपलब्ध है तथा किसी भी प्रकार की जांच का वे स्वागत करते हैं।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही जलजमाव, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के समक्ष आंदोलन करने को बाध्य होंगे। अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और संभावित जांच पर टिकी हुई हैं।
