रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर श्यामल प्रतीक
सीमावर्ती जिलों में घर-घर सर्वे शुरू, वर्षों से रह रहे लोगों का तैयार होगा पूरा रिकॉर्ड; रिपोर्ट के आधार पर तय होगी आगे की कार्रवाई
बीरगंज/रक्सौल:-नेपाल सीमा।
भारत-नेपाल की खुली सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में नेपाल प्रशासन ने एक व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत नेपाल के नवलपरासी (पश्चिम) जिले के रानीनगर, त्रिवेणी, महेशपुर सहित कई सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसे भारतीय नागरिकों की पहचान की जा रही है, जो लंबे समय से बिना वैध दस्तावेजों के नेपाल में रह रहे हैं।
प्रशासन द्वारा गठित सर्वे दल घर-घर पहुंचकर संबंधित व्यक्तियों का नाम, स्थायी पता, पारिवारिक विवरण, नेपाल में निवास की अवधि तथा उपलब्ध पहचान संबंधी दस्तावेजों की जानकारी एकत्र कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सर्वे का उद्देश्य केवल आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि सीमा क्षेत्र में रह रहे विदेशी नागरिकों का प्रमाणिक रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि भविष्य में किसी भी सुरक्षा चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
जिला पुलिस प्रमुख अनुराग श्रेष्ठ के अनुसार, सर्वेक्षण पूरा होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि किन मामलों में प्रशासनिक अथवा कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। बिना वैध दस्तावेजों के लंबे समय से नेपाल में रह रहे लोगों की स्थिति का भी अलग से मूल्यांकन किया जाएगा।
भारत और नेपाल के बीच दशकों पुरानी खुली सीमा दोनों देशों के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों की पहचान रही है। लेकिन हाल के वर्षों में सीमा पार अवैध आव्रजन, जाली दस्तावेजों के उपयोग, मानव तस्करी और अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है। ऐसे में नेपाल प्रशासन का यह अभियान सीमा प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
सीमा सुरक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि सर्वे निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से पूरा होता है, तो इससे भविष्य में दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और मजबूत होगा। साथ ही, वैध रूप से रह रहे लोगों और बिना दस्तावेज निवास कर रहे व्यक्तियों के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।
क्या है अभियान की प्रमुख बातें?
– नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सत्यापन अभियान शुरू।
– बिना वैध दस्तावेज रह रहे भारतीय नागरिकों की पहचान की जा रही है।
– नाम, पता, परिवार, निवास अवधि और उपलब्ध दस्तावेजों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
– सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई होगी।
– अभियान का उद्देश्य सीमा सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
(विशेष रिपोर्ट: श्यामल प्रतीक)
