नेपाल के सुनसरी जिले में रविवार रात कांवड़ यात्रा के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर शुरू हुए एक मामूली विवाद गुरुवार को बड़े सांप्रदायिक तनाव में बदल गया है।
शुरुआत में यह मामला दो समुदायों के बीच कहासुनी तक सीमित था, लेकिन देखते ही देखते हिंसा फैल गई और पुलिस को हालात काबू करने के लिए गोली चलानी पड़ी।
इस हिंसा में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पूरे तराई-मधेश क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शन के दौरान सिराहा में एक और युवक की मौत के बाद तनाव और बढ़ गया।
प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए नेपाल के सुनसरी और सिराहा जिलों के कई हिस्सों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है।
श्रद्धालु कोसी बैराज से जल लेकर लौट रहे थे और उनके साथ डीजे व लाउडस्पीकर भी बज रहे थे। इसी दौरान दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने तेज आवाज में बज रहे संगीत पर आपत्ति जताई।
पहले दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, फिर धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया।
शुरुआत में स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की। लेकिन थोड़ी ही देर में दोनों समुदायों के और लोग मौके पर पहुंच गए।
कई लोगों के हाथों में लाठी, बांस, पत्थर और भाले जैसे हथियार थे। इसके बाद दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया।
हवाई फायरिंग के बाद भी हिंसा नहीं रुकी, पुलिस ने गोली चलाई
पथराव में 8 पुलिसकर्मी, जिनमें एक इंस्पेक्टर भी शामिल थे, घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर आसपास के पुलिस थानों और आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) की अतिरिक्त टीमों को बुलाया गया।
पुलिस के मुताबिक, भीड़ पर पहले काबू पाने की कोशिश की गई। एक पुलिस अधिकारी ने तीन हवाई फायर भी किए, लेकिन हिंसा नहीं रुकी। इसके बाद रात करीब 10:45 बजे पुलिस ने गोली चलाई।
गोली लगने से ओम प्रकाश मेहता की मौत हो गई। कई अन्य लोग भी गोली लगने से घायल हुए। बाद में इलाज के दौरान जयप्रकाश मेहता की भी मौत हो गई, जिससे इस घटना में मरने वालों की संख्या दो हो गई।
