देशभर के 215 वर्तमान और पूर्व कुलपतियों और शिक्षाविदों ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को खुला पत्र लिखा है। इसमें प्रोफेसर वी कामकोटि के खिलाफ उनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताई है।
पत्र में कहा गया है कि किसी शिक्षाविद् पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करते समय तथ्यों और गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। आपके मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मजाक नहीं उड़ाना चाहिए।
प्रियंका ने कहा था- अध्यक्ष महोदय, आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय जी को आपके माध्यम से मैं कहना चाहती हूं कि शायद उन्हें अपने सलाहकार बदलने चाहिए। नई-नई कमेटियां बनाने से काम नहीं चलेगा।
उन्होंने कहा कि उनका अध्यक्ष चाहे कोई भी हो, राधाकृष्ण कमेटी भी व्यवस्था में सुधार लाने के लिए बनी थी, आज तक उसकी एक सिफारिश लागू नहीं हुई है। और इस नई कमेटी में तो… इस नई कमेटी में तो… एक एक्स-IB चीफ… एक एक्स-IB चीफ, एक IT कंपनी के मालिक और एक गोमूत्र के विशेषज्ञ भी हैं।
इन्हें शिक्षा के बारे में क्या पता जी? सर, सच है! आप आज मेरे से नाराज हो रहे हैं, बस मुस्कुरा लीजिए।
सांसद अनुराग ठाकुर ने 28 जुलाई को कहा था, प्रियंका गांधी गंभीर विषय पर भी अपने पुराने, जो इनकी सरकार के कुकर्म थे, जो खराब काम थे, उन पर पर्दा डालने का प्रयास करती हैं। मुझे दुख इस बात का है, उन्होंने एक वैज्ञानिक, IIT मद्रास के प्रोफेसर वी कामकोटि जी के बारे में जो टिप्पणी की है।
कामकोटि जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टास्क फोर्स के फॉर्मर चेयरमैन हैं। RSS से होने का कोई गुनाह नहीं है, अगर होंगे भी तो उनको गर्व होना चाहिए कि वे RSS से हैं। आप भी जॉइन कर लीजिए। थोड़े संस्कार आ जाएंगे। देश के बारे में सोचना शुरू कर देंगे। अगर आप RSS के हो जाएंगे तो।
