लापरवाही पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, छात्रावास अधीक्षक निलंबित
बिना पंजीयन छात्र को छात्रावास में रखने और उसके लापता होने के मामले में विभागीय जांच के आदेश
बलौदाबाजार, 21 सितंबर 2026। शासकीय प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास अर्जुनी में बिना पंजीयन एक छात्र को रखे जाने तथा उसके छात्रावास से लापता होने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। मामले में छात्रावास अधीक्षक लवकेश निराला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी संस्थित की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम लिमाही निवासी कुलेश्वर प्रसाद ध्रुव ने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की थी कि छात्रावास अर्जुनी में रहने वाला देवव्रत ध्रुव, पिता स्व. दौलत राम ध्रुव, उम्र 15 वर्ष, 29 जुलाई 2026 को अवकाश का आवेदन देकर छात्रावास से चला गया था, लेकिन इसके बाद वह न तो घर लौटा और न ही छात्रावास वापस आया।
शिकायत के बाद सहायक आयुक्त आदिवासी विकास द्वारा जांच समिति गठित की गई। जांच में छात्र देवव्रत के छात्रावास से जाने संबंधी पर्याप्त रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होना पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि छात्रावास अधीक्षक एवं स्टाफ द्वारा छात्र को उसकी माता से फोन पर बात कराने के बाद उसके छात्रावास से चले जाने की बात सामने आई, जबकि छात्र की माता द्वारा छात्रावास छोड़ने की अनुमति नहीं दिए जाने का कथन किया गया।
कारण बताओ नोटिस का जवाब असंतोषजनक
जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रभारी छात्रावास अधीक्षक लवकेश निराला को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। अपने जवाब में अधीक्षक ने स्वीकार किया कि देवव्रत छात्रावास का पंजीकृत छात्र नहीं था और उसकी परिस्थितियों को देखते हुए मानवीय आधार पर उसे बिना पंजीयन छात्रावास में रखा गया था। उन्होंने यह भी बताया कि छात्र आवेदन प्रस्तुत कर छात्रावास से चला गया था और जाने से पहले उसने अपनी माता से फोन पर बात की थी।
अधिकारी द्वारा प्रस्तुत जवाब को असंतोषजनक माना गया।
घोर लापरवाही मानते हुए निलंबन
आदेश में कहा गया है कि बिना पंजीयन छात्र को छात्रावास में रखना तथा पालक की सहमति के बिना उसकी अभिरक्षा से छात्र का लापता हो जाना छात्रावास अधीक्षक के कर्तव्य में घोर लापरवाही एवं गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई है।
निलंबन अवधि में लवकेश निराला का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, कसडोल निर्धारित किया गया है। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
चाणक्य न्यूज़ इंडिया
हिमांशु शुक्ला
बलौदाबाजार-भाटापारा
> नोट: “छात्रों के साथ अन्याय नहीं सहेंगे” को कलेक्टर कुलदीप शर्मा का प्रत्यक्ष उद्धरण तभी प्रकाशित करना उचित होगा, जब यह बयान आधिकारिक रूप से दिया गया हो। आदेश में यह वाक्य उद्धृत नहीं है।
