भाटापारा, 21 सितंबर 2026। श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर भाटापारा में 10 लक्षण पर्युषण महापर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। प्रतिदिन प्रातः 7 बजे भगवान का मंगल अभिषेक, शांतिधारा, आरती एवं पूजन सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन संपन्न हो रहे हैं।
महापर्व के अंतर्गत सोमवार को भगवान का मंगल अभिषेक एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य श्री विनोद मोदी एवं संजय सिलचंद जैन को प्राप्त हुआ। शांतिधारा के पश्चात मंगल आरती संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साह एवं भक्ति के साथ सहभागिता की।
इसके बाद देव-शास्त्र-गुरु पूजन, शीतलनाथ भगवान की पूजा, सोलह कारण पूजन, दशलक्षण पूजन एवं सुगंध दशमी पूजन संपन्न कर महाअर्घ्य समर्पित किया गया।
उत्तम संयम धर्म का दिया संदेश
इस अवसर पर प्रवचन देते हुए श्रीमती सुमन लता मोदी ने कहा कि धर्म का छठवां लक्षण उत्तम संयम है। संयम का अर्थ है दौड़ती हुई इंद्रिय-विषयों की लगाम को अपने हाथ में रखना। उन्होंने कहा कि दुर्लभ मनुष्य जन्म और जैन धर्म की प्राप्ति के बाद व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह संयम को धारण कर आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़े।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने मन और इंद्रियों को नियंत्रण में रखना चाहिए। संयम सद्गति प्राप्त करने का प्रमुख साधन है। नियम और संयम का सम्यक रूप से पालन करने से व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर दिशा दे सकता है।
प्रवचन के दौरान उन्होंने भोजन और संयम को लेकर गुरुदेव के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि जो एक बार खाए वह योगी, दो बार खाए वह भोगी और तीन बार खाए वह रोगी—इस संदेश के माध्यम से उन्होंने जीवन में अनुशासन और संयम के महत्व को समझाया।
कार्यक्रम के अंत में मां जिनवाणी की स्तुति अभिषेक मोदी द्वारा की गई। रात्रि में देव-शास्त्र-गुरु की मंगल आरती संपन्न हुई।
कल उत्तम तप धर्म की पूजा
दशलक्षण महापर्व के क्रम में 22 सितंबर को उत्तम तप धर्म की पूजा संपन्न होगी। मंदिर परिसर में आगामी धार्मिक आयोजनों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है।
चाणक्य न्यूज़ इंडिया
हिमांशु शुक्ला
बलौदा बाजार-भाटापारा
