बलौदाबाजार में वर्षों पुराने संपत्ति विवाद पर न्यायालय का बड़ा फैसला, राजकुमारी चावला परिवार को मिला कब्जा
*सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के अनुपालन में बड़ी कार्रवाई, सदर बाजार और गांधी चौक की बहुमूल्य व्यावसायिक संपत्तियों का दिलाया गया कब्जा*
*पुलिस और प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में हुई कार्रवाई, बंद दुकानों के ताले खुलवाकर सौंपा गया कब्जा*
*बलौदाबाजार।* शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों सदर बाजार और गांधी चौक में स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की बताई जा रही संपत्तियों को लेकर वर्षों से चले आ रहे पारिवारिक बंटवारे और कब्जे के विवाद में न्यायालय के आदेश पर बड़ी कार्रवाई की गई है। सर्वोच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय के अनुपालन में जिला न्यायालय के निष्पादन प्रकरण क्रमांक Execution/40/2023 के तहत राजकुमारी चावला एवं स्वर्गीय नरेंद्र सिंह चावला के परिवार को उनके हिस्से की संपत्तियों का वास्तविक एवं रिक्त कब्जा दिलाया गया।
8 अक्टूबर 2026 को न्यायालयीन कर्मचारियों, राजस्व अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई संपन्न हुई। इस दौरान संबंधित व्यावसायिक परिसरों में पहुंचकर न्यायालय के आदेश का पालन कराया गया।
### स्वर्गीय बाबूलाल विश्नोई की संपत्ति के बंटवारे से जुड़ा था विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला स्वर्गीय बाबूलाल विश्नोई की संपत्तियों के पारिवारिक बंटवारे से संबंधित है। लंबे समय से विभिन्न न्यायालयों में चल रहे इस प्रकरण का उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय तक निराकरण होने के बाद जिला न्यायालय में डिक्री के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू की गई।
न्यायालय के आदेशानुसार राजस्व विभाग द्वारा राजकुमारी चावला एवं स्वर्गीय नरेंद्र सिंह चावला परिवार के हिस्से की संपत्तियों का सीमांकन कर नक्शे में पृथक बटांकन दर्ज किया गया था।
### सदर बाजार और गांधी चौक की दुकानों को लेकर था विवाद
मामले में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार दूसरे पक्ष के समीर, दीपक एवं हरबंश विश्नोई परिवार द्वारा संबंधित संपत्तियां किरायेदारों को सौंपे जाने के कारण डिक्रीधारी परिवार को अपने हिस्से की संपत्तियों का कब्जा प्राप्त नहीं हो पा रहा था।
न्यायालयीन कार्रवाई में सदर बाजार स्थित राजेंद्र साहू, कृष्ण कुमार साहू, प्रकाशचंद्र हेमनानी (अंजनि बूट हाउस), अंकित हेमनानी, राजेश कुमार रोहरा (सूरज बूट हाउस) तथा वेद प्रकाश आरतानी (कैलाश बूट हाउस) से संबंधित परिसरों का उल्लेख किया गया है।
इसी प्रकार गांधी चौक स्थित मनोहर गोविंदानी, ललित केशरवानी (ललित किराना स्टोर) तथा रमेश कुमार सोनी (रमेश रेडियो) से संबंधित व्यावसायिक परिसरों को भी कार्रवाई में शामिल बताया गया है।
### अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आदेश पर हुई कार्रवाई
प्राप्त विवरण के अनुसार तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक गर्ग की अदालत के आदेश पर 9 जुलाई 2026 को संबंधित संपत्तियों का सीमांकन किया गया था।
इसके बाद 8 अक्टूबर 2026 को न्यायालयीन अमला राजस्व अधिकारियों और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। कार्रवाई के दौरान बंद मिले परिसरों के ताले नियमानुसार खुलवाए गए और संबंधित संपत्तियों का कब्जा डिक्रीधारी राजकुमारी चावला परिवार को सौंपा गया।
पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई, ताकि न्यायालयीन आदेश के अनुपालन की प्रक्रिया का दस्तावेजी रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।
### संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी
प्राप्त जानकारी के अनुसार न्यायालय द्वारा संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने अथवा आदेश के अनुपालन में बाधा उत्पन्न करने की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माने की चेतावनी भी दी गई है।
### शहर के व्यापारिक क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई
बलौदाबाजार के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में हुई इस न्यायालयीन कार्रवाई के बाद शहर में संपत्ति विवाद और उसके कानूनी निराकरण को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
वर्षों पुराने पारिवारिक संपत्ति विवाद में न्यायालय के आदेश पर वास्तविक कब्जा दिलाए जाने की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, इस मामले में दूसरे पक्ष और संबंधित दुकानदारों की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना शेष है।
*चाणक्य न्यूज़ इंडिया के लिए बलौदाबाजार-भाटापारा से हिमांशु शुक्ला की ग्राउंड रिपोर्ट।*
