( मनीष मित्तल ब्यूरो चीफ लुधियाना ➖ भगवंत मान सरकार नशे पर काबू पाने में नाकाम, बाकी मामले भी CBI को सौंपे जाएं: अमित शाह
➖ 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य, नशा तस्करों को मिल रहे राजनीतिक संरक्षण पर उठाए सवाल
➖ गुरदासपुर, मानसा और संगरूर में नशे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण मारे गए तीन लोगों के परिवारों से की मुलाकात
लुधियाना, 20 अक्टूबर:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर राज्य से नशा खत्म करने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परविंदर सिंह झोटा मामले के साथ-साथ गुलजार सिंह और बिक्रम सिंह के मामलों की जांच भी CBI को सौंपने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह अपने व्यक्तिगत प्रभाव और हरसंभव प्रयास से यह सुनिश्चित करेंगे कि मोदी सरकार CBI जांच के जरिए आरोपियों को पाताल से भी ढूंढ निकाले, फिर चाहे वे कितने ही बड़े या प्रभावशाली क्यों न हों।
लुधियाना के दरेसी मैदान में दशहरे के अवसर पर एकत्रित जनसमूह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशा मुक्त बनाने के नरेंद्र मोदी सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के टोल-फ्री नंबर पर फोन करके नशे और चिट्टे का कारोबार करने वालों के बारे में जानकारी दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस संबंध में सख्त और तत्काल कार्रवाई करेगी।
इस अवसर पर पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष दिनेश मरवाह, कमल बस्सी, पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, पंजाब भाजपा के सुनील जाखड़, अनिल सरीन, रजनीश धीमान, गुरदेव शर्मा ओर पंजाब भाजपा के स्टेट मीडिया हेड विनीत जोशी, और भी उपस्थित थे।
➖ ‘यह दशहरा पूरी जिंदगी नहीं भूलूंगा’
इससे पहले PAU परिसर में पत्र
