बलौदाबाजार। सिटी कोतवाली बलौदाबाजार में प्रदर्शि
त गुंडा-बदमाशों की सूची में आशीष शुक्ला का नाम और फोटो दिखाई देने का मामला चर्चा में है। सामने आई तस्वीरों में आशीष शुक्ला के नाम के साथ उनके पिता का नाम सिद्धनाथ शुक्ला, उम्र 40 वर्ष और गांधी चौक, बलौदाबाजार का पता अंकित दिखाई देता है। हालांकि, सूची में नाम दर्ज होने के आधार और संबंधित पुलिस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
कई आपराधिक प्रकरणों का उल्लेख
प्राप्त विवरण के अनुसार, आशीष शुक्ला के विरुद्ध सिटी कोतवाली में पांच आपराधिक प्रकरण दर्ज होने का दावा किया गया है। इनमें कथित भयादोहन एवं अवैध वसूली से जुड़े मामलों का भी उल्लेख है। उपलब्ध जानकारी में 7 नवंबर 2025 को बीएनएस की धारा 129 के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। इन सभी तथ्यों की पुष्टि पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड से किया जाना आवश्यक है।
वहीं, कुछ मामलों में न्यायिक हिरासत और बाद में जमानत पर बाहर आने का भी दावा किया गया है। यदि संबंधित प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं, तो उनमें दोषसिद्धि होने से पहले किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। संबंधित मामलों की वर्तमान स्थिति की पुष्टि न्यायालयीन रिकॉर्ड से की जानी चाहिए।
पत्रकारिता की आड़ में वसूली के आरोप
आशीष शुक्ला से जुड़े विवरण में कथित तौर पर फर्जी न्यूज चैनल के नाम का इस्तेमाल कर विभिन्न संस्थानों, कारोबारियों और अन्य लोगों पर दबाव बनाने तथा अवैध वसूली करने के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। संबंधित पक्ष का जवाब और पुलिस की आधिकारिक जानकारी सामने आने पर मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
प्रेस क्लब ने संस्था से संबंध होने से किया इनकार
बलौदाबाजार प्रेस क्लब की ओर से दिए गए विवरण के अनुसार, आशीष शुक्ला और उनके भाई का वर्तमान में संस्था से कोई संबंध नहीं है। प्रेस क्लब ने कथित तौर पर दोनों को पहले ही संस्था से निष्कासित किए जाने की बात कही है। इस संबंध में संस्था का लिखित बयान या आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध होने पर उसकी पुष्टि की जा सकती है।
प्रेस क्लब ने शासकीय एवं गैर-शासकीय कार्यालयों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को प्रेस क्लब का सदस्य या प्रतिनिधि बताता है, तो उसकी सदस्यता की पुष्टि सीधे संस्था से करें। किसी भी व्यक्ति की पहचान या संबद्धता को बिना सत्यापन के स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
यदि किसी व्यक्ति द्वारा धमकी देने, दबाव बनाने या अवैध धन की मांग करने जैसी घटना सामने आती है, तो संबंधित व्यक्ति को साक्ष्य सुरक्षित रखते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। किसी भी शिकायत पर निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई जरूरी है।
चाणक्य न्यूज़ इंडिया | हिमांशु शुक्ला | बलौदाबाजार-भाटापारा
