उपभोक्ता आयोग के आदेश की अवहेलना, 25 हजार से अधिक राशि अदा करने के निर्देश भी अनदेखे
चंदौसी। त्योहारी ऑफर के तहत ग्राहकों को आकर्षक स्कीम का लाभ देने का दावा करने वाली वी-मार्ट रिटेल कंपनी अब उपभोक्ता आयोग के शिकंजे में आ गई है। स्कीम का लाभ न देने और आयोग के आदेश का पालन न करने पर जिला उपभोक्ता आयोग, सम्भल ने वी-मार्ट रिटेल के प्रबंधक के खिलाफ वारंट जारी कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चंदौसी निवासी अनमोल वार्ष्णेय ने वी-मार्ट रिटेल की त्योहारी स्कीम के तहत 2500-2500 रुपये की खरीदारी की। इस स्कीम में 99 रुपये अतिरिक्त भुगतान करने पर 1000 रुपये मूल्य का बैग मुफ्त देने का प्रावधान था। अनमोल ने दो बार खरीदारी कर कुल दो बैगों की मांग की, लेकिन स्टोर प्रबंधन ने बैग खत्म होने की बात कहकर बाद में देने का आश्वासन दिया।
आरोप है कि कई बार चक्कर लगाने के बावजूद भी उन्हें स्कीम का लाभ नहीं दिया गया। इसके बाद अनमोल वार्ष्णेय ने उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय से संपर्क कर न्याय की गुहार लगाई। अधिवक्ता द्वारा जिला उपभोक्ता आयोग, सम्भल में परिवाद दायर किया गया।
मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने 5 अप्रैल 2025 को वी-मार्ट रिटेल के प्रबंधक को आदेश दिया कि स्कीम के अंतर्गत बैग की कीमत 2000 रुपये, परिवाद की तिथि से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित दो माह के भीतर अदा की जाए। साथ ही आदेश का पालन न करने की स्थिति में 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लागू करने, 10,000 रुपये मानसिक कष्ट व आर्थिक हानि के लिए तथा 5,000 रुपये वाद व्यय के रूप में देने के निर्देश दिए गए।
इसके बावजूद प्रबंधक द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। इस पर अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय ने आयोग में पुनः शिकायत दर्ज कराई। सुनवाई के दौरान प्रबंधक के उपस्थित न होने पर आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिए।
यह मामला उपभोक्ताओं के अधिकारों की अनदेखी और कंपनियों की लापरवाही पर एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है।
