केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आज एक दिन के दौरे पर जोधपुर पहुंचे। यहां से उन्होंने जैसलमेर में बने नए कोच केयर कॉम्प्लेक्स का वर्चुअल उद्घाटन किया। साथ ही जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस को 8 कोच से बढ़ाकर 20 कोच का कर दिया गया है।
कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद रहे। इस दौरान पश्चिमी राजस्थान के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्री सुविधाओं का विस्तार करते हुए बड़ी परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया गया।समारोह की शुरुआत में रेल मंत्री और केंद्रीय मंत्री शेखावत ने जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर बने नए कोच केयर परिसर को जनता को समर्पित किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुए इस उद्घाटन से अब जैसलमेर में ही ट्रेनों के रखरखाव और साफ-सफाई की उच्च स्तरीय सुविधा मिल सकेगी।सी के साथ पर्यटन नगरी जैसलमेर को गुजरात से सीधे जोड़ने के लिए साबरमती-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (20486/20485) का जैसलमेर तक विस्तार किया गया है। रेल मंत्री ने इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस का नया स्वरूप रहा। इस ट्रेन को 8 कोच से बढ़ाकर 20 कोच का कर दिया गया है। ट्रेन में 78 सीटों वाले 16 डिब्बे, 44 सीटों वाले 2 डिब्बे और 52 सीटों वाले 2 डिब्बे लगाए गए हैं। इससे ट्रेन की यात्री क्षमता 530 से बढ़कर सीधे 1440 हो गई है। 20 कोच वाली इस नई वंदे भारत के शुरू होने से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को वेटिंग लिस्ट से बड़ी राहत मिलेगी।
भगत की कोठी में 400 करोड़ का नया कोचिंग टर्मिनल और डिपो का फेज-2
भगत की कोठी (बीजीकेटी) में लगभग 400 करोड़ रुपए की लागत से एक नया ‘मेगा कोचिंग टर्मिनल’ विकसित करने का ऐलान किया गया। इसके साथ ही भगत की कोठी में ही तैयार हो रहे देश के पहले ‘वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मेंटेनेंस डिपो’ के फेज-2 (मेंटेनेंस कम वर्कशॉप डिपो) की आधिकारिक घोषणा भी हुई। इसमें एक विश्वस्तरीय आवासीय ट्रेनिंग सेंटर बनेगा।
जोधपुर-मारवाड़ रूट पर 130 की स्पीड
जोधपुर-लूणी-मारवाड़ जंक्शन रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम गति सीमा 130 किलोमीटर प्रति घंटा करने की घोषणा भी हुई।
