उनियारा उपखंड क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक
विद्यालय बालीथल में कार्यरत वरिष्ठ अध्यापक (अंग्रेजी) इन्द्रजीत आनंद का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों एवं क्षेत्रवासियों में शोक की लहर फैल गई। वे वर्ष 2014 से विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे तथा अपने सरल, मिलनसार एवं कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव के कारण विद्यार्थियों और सहकर्मियों के बीच विशेष पहचान रखते थे। उनके असामयिक निधन को शिक्षा जगत के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 मई को अचानक उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया, जिसके चलते वे बाथरूम में चक्कर खाकर गिर पड़े। परिजनों द्वारा तत्काल उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जयपुर रेफर कर दिया। जयपुर के अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया और कई दिनों तक चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चलता रहा। उपचार के बाद स्वास्थ्य में कुछ सुधार होने पर 19 मई को उन्हें वापस घर लाया गया, लेकिन देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने अंतिम सांस ली।
इन्द्रजीत आनंद के निधन का समाचार मिलते ही विद्यालय परिवार स्तब्ध रह गया। बुधवार को विद्यालय परिसर में शोक सभा आयोजित कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक गण, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
विद्यालय के प्रधानाचार्य रामप्रसाद मीणा ने बताया कि इन्द्रजीत आनंद एक अनुशासित, कर्मठ और जिम्मेदार शिक्षक थे। वे अपने कार्य को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाते थे। विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर वे हमेशा गंभीर रहते थे और शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों पर भी विशेष ध्यान देते थे। उनका व्यवहार बेहद सौम्य एवं सहयोगात्मक था, जिसके कारण विद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों के बीच वे काफी लोकप्रिय थे।
सहकर्मियों ने बताया कि आनंद जी सदैव विद्यालय के प्रत्येक कार्य में सक्रिय भूमिका निभाते थे। किसी भी जिम्मेदारी को वे पूरी लगन और समर्पण के साथ पूरा करते थे। विद्यालय में आयोजित शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी हमेशा प्रेरणादायक रहती थी। उनके निधन से विद्यालय परिवार को गहरा आघात पहुंचा है।
शोक सभा के दौरान शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने कहा कि इन्द्रजीत आनंद का असामयिक निधन शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली को लंबे समय तक याद किया जाएगा। विद्यार्थियों ने भी अपने प्रिय शिक्षक को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे हमेशा उन्हें प्रेरणा देते रहे और हर छात्र की समस्या को धैर्यपूर्वक सुनते थे।
विद्यालय परिवार एवं क्षेत्रवासियों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवार को इस कठिन दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति दें। इन्द्रजीत आनंद के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है।
