देहरादून (Aapki Media): राजधानी देहरादून में चल रहे विकास कार्यों की कछुआ चाल पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बेहद कड़ा और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। गुरुवार (18 जून 2026) को कलेक्ट्रेट के ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक में डीएम ने साफ शब्दों में कह दिया—”मैदानी हकीकत पर अफसरों की सीधी जवाबदेही होगी, लापरवाही मिली तो सीधे बड़ी कार्रवाई होगी।”
मुख्यमंत्री घोषणाओं और विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए डीएम ने सुस्त रफ्तार से काम कर रहे अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को अंतिम चेतावनी जारी की है।
🚰 लापरवाही पर भड़के डीएम: इंजीनियर का वेतन रोकने की चेतावनी
बैठक के दौरान जब जिलाधिकारी ने क्षेत्रवार विकास कार्यों का ब्योरा मांगा, तो कई विभागों की ढिलाई सामने आई, जिस पर उन्होंने मौके पर ही कड़े निर्देश दिए:
🛑 मोहब्बेवाला में देरी पर नाराजगी: मोहब्बेवाला क्षेत्र में ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक और राइजिंग मेन बिछाने के काम में देरी देखकर डीएम भड़क गए। उन्होंने बैठक में मौजूद जल संस्थान पित्थूवाला के संबंधित एई (AE) को सीधे वेतन रोकने (Salary Hold) की चेतावनी दे डाली।
⏱️ दून एनक्लेव नलकूप: दून एनक्लेव एक्सटेंशन में प्रस्तावित नलकूप निर्माण के लिए अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर हर हाल में जमीन चिन्हित करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
🌧️ रेन वाटर हार्वेस्टिंग (30 जून की डेडलाइन): जिले में स्वीकृत 51 रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों में से केवल 22 पूरे होने पर डीएम ने लघु सिंचाई विभाग पर नाराजगी जताई। उन्होंने बचे हुए सभी कार्य 30 जून 2026 तक पूरे करने के निर्देश दिए और कहा कि अगर साइट का चयन गलत पाया गया, तो सीधे एक्शन होगा।
🌉 भंडारी बाग ओवरब्रिज और ₹218 करोड़ के लोनिवि (PWD) कार्यों पर कड़ाई
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और सड़कों को लेकर भी जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से तीखे सवाल किए:
🏗️ भंडारी बाग ओवरब्रिज: शहर के सबसे महत्वपूर्ण भंडारी बाग ओवरब्रिज निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए डीएम ने दो टूक कहा कि इस प्रोजेक्ट को अगस्त महीने से पहले हर हाल में पूरा किया जाए ताकि जनता को जाम से मुक्ति मिल सके।
🛣️ ₹218 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर जवाब तलब: लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत लंबित करीब 218 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स की देरी का कारण पूछते हुए डीएम ने अधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
⚡ अंडरग्राउंड केबलिंग और सीवर: शहर में सीवर, पेयजल और बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड करने के काम में जो कटिंग अनुमति (Road Cutting Permission) की बाधा आ रही थी, उसकी विस्तृत सूची डीएम ने तुरंत मांगी है ताकि आपसी समन्वय से जाम की समस्या को सुलझाया जा सके।
बैठक की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अभिनव शाह को खुद ग्राउंड पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने और वास्तविक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा, डीडीओ सुनील कुमार समेत तमाम जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
💬 जनता की अदालत: देहरादून में सड़कों की खुदाई, पेंडिंग ओवरब्रिज और डीएम डॉ. आशीष चौहान के इस कड़े रुख पर आपकी क्या राय है?
राजधानी में सीवर, पानी और बिजली के कामों के लिए सड़कों की खोदाई और ओवरब्रिज के काम लटके होने से आम जनता को भारी जाम और धूल-मिट्टी से जूझना पड़ता है। ऐसे में समय पर काम पूरा न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का यह फैसला बेहद जरूरी है।
